केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ा, जुलाई से मिलेगा बढ़ा हुआ DA
नई दिल्ली. केंद्र सरकार के 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स की दिवाली थोड़ी और रोशन हो गई है। सरकार ने त्योहार से ठीक 10 दिन पहले उनके महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी है। ताजा बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता 63 प्रतिशत हो जाएगा। सरकार इस पर 10 हजार करोड़ खर्च करेगी। बुधवार 28 अक्टूबर को कैबिनेट ने नई दरें 1 जुलाई, 2026 से लागू करने को मंजूरी दी है। पिछले महीनों का एरियर भी दिवाली से पहले खाते में भेजा जाएगा।
DA बढ़ने से हर महीने ₹7,500 तक सैलरी बढ़ेगी
| पे-लेवल | बेसिक पे | हर महीने बढ़ोतरी (3% DA) | 3 महीने का एरियर | दिवाली से पहले फायदा |
| प्यून (लेवल 1) | ₹18,000 | ₹540 | ₹1,620 | ₹2,160 |
| लेवल 2 | ₹19,900 | ₹597 | ₹1,791 | ₹2,388 |
| लेवल 4 | ₹25,500 | ₹765 | ₹2,295 | ₹3,060 |
| लेवल 6 | ₹35,400 | ₹1,062 | ₹3,186 | ₹4,248 |
| लेवल 7 | ₹44,900 | ₹1,347 | ₹4,041 | ₹5,388 |
| नए IAS (लेवल 10) |
₹56,100 | ₹1,683 | ₹5,049 | ₹6,732 |
| लेवल 11 | ₹67,700 | ₹2,031 | ₹6,093 | ₹8,124 |
| लेवल 12 | ₹78,800 | ₹2,364 | ₹7,092 | ₹9,456 |
| वरिष्ठ IAS (लेवल 13) |
₹1,23,100 | ₹3,693 | ₹11,079 | ₹14,772 |
| लेवल 14 | ₹1,44,200 | ₹4,326 | ₹12,978 | ₹17,304 |
| लेवल 15 | ₹1,82,200 | ₹5,466 | ₹16,398 | ₹21,864 |
| लेवल 16 | ₹2,05,400 | ₹6,162 | ₹18,486 | ₹24,648 |
| सीनियर IAS (लेवल 17) | ₹2,25,000 | ₹6,750 | ₹20,250 | ₹27,000 |
| कैबिनेट सचिव (लेवल 18) | ₹2,50,000 | ₹7,500 | ₹22,500 | ₹30,000 |
साल में दो बार रिवाइज होता है भत्ता
केंद्र सरकार हर साल कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए डीए और डीआर में दो बार संशोधन करती है। पहला संशोधन आमतौर पर जनवरी से और दूसरा जुलाई से प्रभावी होता है। सरकार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों के आधार पर महंगाई का आकलन करती है और उसी अनुपात में भत्ते बढ़ाने का निर्णय लेती है।
महंगाई के हिसाब से मिलता है अलाउंस
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के रहन-सहन के खर्च को संतुलित करने के लिए दिया जाने वाला अलाउंस है। यह कर्मचारी की बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में तय होता है। वहीं, रिटायर्ड कर्मचारियों यानी पेंशनर्स को उनकी बेसिक पेंशन पर दिया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य रोजमर्रा की चीजों के बढ़ते दामों के असर को कम करना है।
