हाईकोर्ट की सख्त कार्यवाही में एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री के बीच घटिया सड़क निर्माण की फाइल सब इंजीनियर घर, मुख्य अभियंता भी घेरे में

ग्वालियर. एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री के बीच बनी सड़क की घटिया क्वालिटी को लेकर हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में सख्त रूख देखने को मिला है। हाईकोर्ट की सुनवाई के बीच लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की बड़ी लापरवाही और गोलमाल का खुलासा हुआ है। सड़क निर्माण से जुड़ी असली सरकारी फाइलें विभाग के कार्यालय से गायब है। जिन्हें प्रभारी सब इंजीनियर अपने में छिपाकर रखे हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता और सब इंजीनियर दोनों के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही के संबंध में शो-कॉज (कारण बताओ नोटिस) जारी कर 2 दिन में जवाब मांगा है।

पुलिस पर मढ़ा दोष, रिपोर्ट ने खोली पोल
हाईकोर्ट में सुनवाई के बीच सरकारी एडवोकेट और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने पक्ष रखा कि सड़क बनने के बाद 10 दिन तक यातायात बन्द रहना चाहिये था। लेकिन पुलिस ने 23 दिन में ही गाडि़यां चालू कर दी थी। जिससे सड़क खराब हो गयी। हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी की ही अपनी रिसर्च लैब (ठाठीपुर) की जांच रिपोर्ट सामने रखी तो मुख्य अभियंता वीके अरख को मानना पड़ा कि सड़क निर्माण की सामग्री तय मापदंडों के अनुसार नहीं थी। यानी सड़क का निर्माण ही घटिया स्तर का किया गया था। जब पीडब्ल्यूडी के एसडीओ बालकृष्ण त्रिपाठी से पूछा गया कि बिल पास करने से पहले जो सैम्पल ठाठीपुर लैब भेजे गये थे। वह सड़क के किस हिस्से से लिये गये थे। वह कोई सटीक लोकेशन नहीं बता सके। लैब रिपोर्ट में भी सैम्पल लेने की जगह का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था।
आधे घंटे में हाईकोर्ट में मंगवाई फायल
मुख्य अभियंता ने हाईकोर्ट को बताया कि मूल रिकॉर्ड पास में ही स्थित पड़ाव संभाग ऑफिस में है। हाईकोर्ट ने तत्काल रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिये आदेश दिया। आधे घंटे बाद जब अधिकारी लौटे तो उन्होंने केवल 3 मेजरमेंट बुक (एमबी) जमा की और बताया कि एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री सड़क निर्माण की मूल फाइल प्रभारी सब इंजीनियर दीपक गुप्ता के घर पर रखी है। जो आज छुट्टी पर हे। इस पर हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा हैकि हाईकोर्ट में मामला लंबित होने और जांच रिपोर्ट खिलाफ आने के बाद कार्यालय से सरकारी फाइल घर ले जाना साफ इशारा करता है कि अधिकारी कुछ छिपाने का प्रयास कर रहा है। ऊपर से नीचे तक सब मिले हुए है।
कोर्ट में ही सील हुई फाइलें, 2 दिन में मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान ही PWD अधिकारियों ने सब इंजीनियर के घर से आनन-फानन में फाइल मंगवाकर कोर्ट में पेश की। हाई कोर्ट ने मेजरमेंट बुक्स और मूल फाइल को कोर्ट रूम में ही लिफाफे में बंद करवाकर सील करवा दिया और सरकारी वकील की सेफ कस्टडी में दे दिया
