नई दिल्ली. संसद सत्र के छठे दिन सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केन्द्र सरकार के बजट की तुलना महाभारत के चक्रव्यूह से की। राहुल ने कहा है कि हजारों साल पहले कुरूक्षंेत्र में अभिमन्यु को चक्रव्यूह में फंसाकर 6 लोगों को मारा था। चक्रव्यूह का दूसरा नाम-पद्म व्यूह, जो कमल के फूल के शेप में होता है। इसके भीतर डर और हिंसा होती है।
21वीं सदी में एक नया चक्रव्यूह रचा गया है वह भी कमल के फूल के रूप में तैयार हुआ है। इसका चिन्ह प्रधानमंत्री अपने सीने पर लगाकर चलते हैं। अभिमन्यु के साथ जा किया गया। वह भारत के साथ किया जा रहा है। आज भी चक्रव्यूह के बीच में 6 लोग-नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, अजित डोभाल, अडानी और अम्बानी है।
इस पर सत्तापक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को टोकते हुए कहा-आपके सदस्यों ने भी कई बार कहा है कि जो सदन का सदस्य नहीं है, उसका नाम नहीं जाना चाहिये। इस पर राहुल गांधी ने कहा है कि आप कहते है तो एनएसए, अम्बानी और अडानी जी का नाम निकल देता हूं और सिर्फ 3 नाम लूंगा। 78 मिनट के भाषण में राहुल गांधी ने 4 बार अडाणी-अम्बानी का नाम लिया। 2 बार मुंह पर उंगली रखी। राहुल ने हलवा सेरेमनी का पोस्टर लहराया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सिर पकड़ लिया, स्पीकर ने राहुल को 4 बार टोका।
मेरा कहना है कि ये जो चक्रव्यूह है उससे करोड़ों लोगों को नुकसान हो रहा है। हम उसे तोड़ने जा रहे हैं। जातीय जनगणना से। इस सदन में हम आपको पास करके दिखाएंगे। जातीय जनगणना से ये चक्रव्यूह टूट जाएगा। हम पूरा दम लगाकर ये काम करेंगे।
राहुल ने कहा- मैं कुछ दिनों पहले बढ़ईयों और मोची से मिला
कुछ महीने पहले, चक्रव्यूह जो बनाए गए हैं। मैं इनको समझने की कोशिश करता हूं। अपने तरीके से। मैंने बढ़ईयों के साथ काम किया। मैंने उनसे पूछा आपको किस चीज से दुख है, दर्द होता है। उन्होंने कहा- राहुल, मैं ये टेबल बना रहा हूं। मुझे दुख इस बात का है मगर जिस शोरूम में ये रखी जाती है मैं वहां जा ही नहीं सकता। सुल्तानपुर में एक मोची भाई से यही सवाल पूछा उसने कहा- मेरा सम्मान सिर्फ मेरे पिता ने किया और किसी ने नहीं किया।