रामनिवास रावत के शपथ ग्रहण के दौरान गफलत, जानें हुआ क्या
भोपाल. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है। आज सुबह राजभवन में रामनिवास रावत ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। रामनिवास रावत लोकसभा चुनाव के पहले 30 अप्रैल को कांग्रेस छोडकर भाजपा में आए थे। वह श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से छठी बार विधायक चुने गए है। वह प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे है। रावत को मोहन कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करनी थी लेकिन वे शपथ ग्रहण समारोह में राज्य के मंत्री के स्थान पर राज्यमंत्री पढ गए इसके बाद उन्हें दोबारा कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेनी पडी। रामनिवास रावत ने मोहन कैबिनेट के 32 वें मंत्री के रूप में शपथ ली।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने त्यागपत्र स्वीकार किया
सोमवार सुबह सादे समारोह में रावत को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले रावत ने विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दिया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्वीकार कर लिया। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले रावत भाजपा में शामिल हुए थे। उनके भाजपा में आने से ग्वालियर-चंबल में पार्टी को मजबूती मिली है। यही वजह है कि प्रदेश से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक रामनिवास रावत के नाम पर पहले ही स्वीकृति दे चुका है। मुख्यमंत्री डाॅ.मोहन यादव ने रविवार शाम राजभवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट कर मंत्रिमंडल विस्तार की जानकारी दी थी।
रामनिवास रावत के अलावा दो और विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें थीं। इनमें कांग्रेस से भाजपा में आए और अमरवाड़ा विधानसभा सीट से विधायक पद छोड़कर उपचुनाव लड़ रहे कमलेश शाह और बीना से विधायक निर्मला सप्रे शामिल हैं। हालांकि, इनके नामों पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया। बता दें, मंत्रिमंडल में अब 3 मंत्रियों के लिए जगह है। फिलहाल 31 मंत्री हैं और अधिकतम 34 हो सकते हैं।
