रकीब से मिलने कोलकाता जेल जाने के बाद ATS के रडार पर आया था फैजान
खंडवा. मध्य प्रदेश एटीएस द्वारा खंडवा से पकड गए आतंकी फैजान शेख की गतिविधियों पर जांच एजेंसियों की करीब 1 साल से नजर थी। आतंकी साजिशों में शामिल अब्दुल रकी ब कुरैशी के साथ जब वह पकडा गया तो बंगाल की एसटीएफ ने प्रारंभि पूछताछ करके फैजान को छोड तो दिया लेकिन जांच एजेंसियों ने उससे नजर नहीं हटाई। फैजान जब रकीब से मिलने कोलकाता जेल में गया तो वह जांच एजेंसियों के रडार पर पूरी तरह से आ गया। ऐसे में एजेंसियों ने उसके गतिविधियों पर पूरी तरह से निगरानी शुरू कर दी और इंटरनेट मीडिया पर उसकी पोस्ट व अन्य गतिविधियों से शक यकीन में बदल गया।
जांच एजेंसी ने मंसूबों पर फेरा पानी
एटीएस ने कोई आतंकी घटना या दहशतगर्दी करने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। अब फैजान से जांच एजेंसियां पूछताछ कर उसके नेटवर्क को खंगाल रही है, इसके लिए उसकी कॉल डिटेल, इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर फॉलोअर्स आदि का ब्योरा जुटा रही है।
जल्द होगा बडा खुलासा
खंडवा से चार दिन पहले मध्य प्रदेश एटीएस की कार्रवाई से यह तो स्पष्ट हो चुका है कि यहां आतंकी नेटवर्क अभी जिंदा है। इसके चलते आतंक की राह अपनाकर फैजान भी कोई बडी घटना को अंजाम देने वाला था। इस दहशतगर्दी में कौन उसका सहयोगी था किसके इशारों पर फैजान काम कर रहा था इस रहस्य का जल्द राजफाश होगा। एनआईए और एटीएस इंटरनेट के सहारे आतंकी नेटवर्क चलाने वालों पर पैनी नजर रख रही है।
