ऐतिहासिक सागरताल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रमदान कर दिया जल संरक्षण का संदेश
ग्वालियर-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत संगीत की नगरी ग्वालियर के ऐतिहासिक सागरताल के सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार कार्य में श्रमदान कर ग्वालियरवासियों को जल संरचनायें सहेजने का संदेश दिया। इस दिशा में जल्द ही 33 हजार करोड़ रूपए लागत की पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना का भूमिपूजन किया जायेगा। इससे इस क्षेत्र के पेयजल व खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। साथ ही उद्योग धंधों के लिये नए-नए रास्ते खुलेंगे।
सिंगल क्लिक के जरिए लगभग 179 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। ग्वालियर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 210 करोड़ रूपए लागत के नवनिर्मित स्टेडियम सहित कुल मिलाकर लगभग 389 करोड़ रूपए की सौगातें दीं।सम्पूर्ण बुन्देलखंड के सर्वांगीण विकास के लिये 43 हजार करोड़ रूपए लागत की केन-बेतवा लिंक परियोजना को मूर्तरूप दिया जायेगा। इसमें से 12 हजार 600 करोड़ रूपए के टेंडर हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर यह भी कहा कि हमने जब राज्य संचालन के सूत्र समझे तब पता चला कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात की समस्त नदियों, घाटों व कुओं-बावड़ियों सहित सभी प्रकार की जल संरचनाओं का सफलतापूर्वक जीर्णोद्धार कराया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी की इसी दूरदर्शी सोच के अनुरूप मध्यप्रदेश सरकार द्वारा “जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से प्रदेश भर की जल संरचनाओं को सहेजने का काम किया जा रहा है। उन्होंने रहीम के प्रसिद्ध दोहे “रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून” के माध्यम से पानी की महिमा को रेखांकित किया।
ऐतिहासिक ग्वालियर दुर्ग का शेष भाग भी फसाड़ लाईट से जगमग होगा
प्रसन्नता की बात है कि सागरताल के जीर्णोद्धार का काम प्रदेश सरकार द्वारा कराया जा रहा है। श्री सिंधिया ने ग्वालियर को विकास कार्यों की बड़ी-बड़ी सौगातें देने के लिये मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। साथ ही जानकारी दी कि ऐतिहासिक ग्वालियर दुर्ग के शेष भाग को भी फसाड़ लाईट से जगमग किया जायेगा। इसके लिये 15 करोड़ रूपए की धनराशि इंडिगो सीएसआर मद से उपलब्ध कराई जायेगी।
इन कार्यों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण
इनमें गोले का मंदिर के समीप 45 करोड़ 68 लाख लागत का अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर व बिलौआ में लगभग 52 लाख की लागत से बनने जा रहा 132 केव्ही का विद्युत उप केन्द्र का भूमिपूजन शामिल है। इसके अलावा 9 करोड़ से अधिक लागत से बनने जा रहे ग्वालियर में विधि कॉलेज भवन, गुहीसर मार्ग पर स्थित बेसली नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण व पौने आठ करोड़ रूपए लागत के नगर निगम के फायर स्टेशन का भूमिपूजन भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। साथ ही 9 करोड़ रूपए लागत से जीवाजी विश्वविद्यालय में बनाए गए एक हजार सीटर स्व. अध्ययन केन्द्र, 7 करोड़ रूपए लागत से जेएएच में बनकर तैयार हुए टरसरी कैंसर केयर यूनिट भवन व रेडीमेंट गारमेंट पार्क परिसर में 12 करोड़ रूपए लागत का डेनीसन फैशन इंडिया प्रा. लि. की इकाई का लोकार्पण शामिल है।
