शहर का यातायात सुव्यवस्थित करने ई-रिक्शा के रूट का,लॉटरी पद्धति से होगा रूट निर्धारण
तिराहों-चौराहों की लेफ्ट साइड फ्री होंगीं
ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर दुर्घटना रोकने के लिये कारगर कदम उठाए जायेंगे
ग्वालियर – शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये ई-रिक्शा के रूट निर्धारित किए जायेंगे। शहर में संचालित सभी ई-रिक्शा का पंजीयन कराया जायेगा। पंजीयन के पश्चात निर्धारित रूट पर निर्धारित कलर कोडिंग के साथ व्यवस्थित रूप से संचालन की व्यवस्था की जायेगी। कलेक्टर रुचिका चौहान एवं पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने शुक्रवार को नगर निगम के बाल भवन में ट्रैफिक प्लान को लेकर आयोजित हुई बैठक में यह बात कही। शहर में संचालित सभी ई-रिक्शा वाहनों का पंजीयन एक माह में कराया जाए। पंजीयन के पश्चात लॉटरी के माध्यम से इनके मार्गों का निर्धारण कर व्यवस्थित रूप से ई-रिक्शा संचालन का कार्य कराया जायेगा। शहर में चार स्थानों पर पंजीयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
शहर के प्रमुख मार्गों पर दुपहिया एवं चार पहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी निगम के माध्यम से और बढ़ाई जाए, ताकि यातायात सुगमता से संचालित हो सके। तिराहों व चौराहों पर लेफ्ट फ्री में कोई बाधा न हो, इसके लिये पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ कार्रवाई करे। यातायात के ब्लैक स्पॉटों को भी समाप्त करने की कार्रवाई सभी विभाग संयुक्त रूप से करें ताकि किसी भी प्रकार की सड़क दुर्घटना न हो। शहर में सभी ई-रिक्शा संचालकों के पंजीयन के पश्चात उनकी बैठक आयोजित कर रूट निर्धारित करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं को सुना जायेगा और उनका निराकरण कर निर्धारित मार्गों पर ही ई-रिक्शा संचालित हो, यह सुनिश्चित किया जायेगा। शहर के प्रमुख मार्गों पर खड़े होने वाले वाहन भी पार्किंग में खड़े हों, इसके लिये भी व्यापारी से चर्चा कर व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। वीडियोकोच बसें भी शहर के मार्ग पर खड़ी न हों, इसके लिये वैकल्पिक स्थान निर्धारित कर उन्हें वहाँ खड़ा करने की व्यवस्था की जायेगी।
नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह ने जानकारी दी कि शहर के चौराहों को यातायात के लिहाज से सुव्यवस्थित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 10 चौराहों का काम हाथ में लिया गया है। साथ ही लेफ्ट टर्न फ्री करने की कार्ययोजना भी नगर निगम द्वारा तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिये 70 ई-बसें चलाने की प्रक्रिया प्रचलन में है। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री एवं परिवहन अधिकारी ने भी यातायात प्रबंधन के संबंध में अब तक किए गए प्रयासों के संबंध में जानकारी दी।
