ग्वालियर. गुरूवार को केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां और राजमाता माधवीराजे का सिंधिया राजसी परंपरा से अंतिम संस्कार किया गया। बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मां माधवीराजे को मुखग्नि दी। इससे पहले मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक कर्मकांड संपन्न कराये गये। सिंधिया छत्री पर राजमाता माधवीराजे को अंतिम विदाई देने के लिये कई वीवीआईपी और आम लोग भी पहुंचे। लोगों ने नम आंखों से राजमाता को अंतिम विदाई दी। इससे पहले रानीमहल से पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के बाद अंतिम यात्रा निकाली गयी। जिसमें कई वीवीआइ्रपी के साथ ही आमजन भी बड़ी संख्या में शामिल हुए है।आपको बता दें कि गुरूवार की सुबह उनकी पार्थिव देह दिल्ली से ग्वालियर लाई गयी। यहां रानीमहल में लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किये पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
बुधवार को दिल्ली के एम्स में ली आखिरी सांस
माधवीराजे सिंधिया 76, का बुधवार की सुबह निधन हो गया था। वह लम्बे समय से बीमार थी और दिल्ली के एम्स में भर्ती थी।