1100 लॉकर में से 7 करोड़ नगद कैश, 12 किलो सोना, राजस्थान में काले खजाने का खुलासा करने उतरे आयकर विभाग की टीम
जयपुर. ब्लैकमनी को लेकर राजस्थान में जयपुर के गणपति प्लाजा में आयकर विभाग की छापामारी चल रही है। 2 लॉकरों को काटा गया है। एक लॉकर से लाखों की नगदी जब्त की गयी है जबकि दूसरे लॉकर से नोटों से भरी बोरी मिली है। पैसों की गणना जारी है। प्दिले माह राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने आरोप लगाया था कि इन लॉकरों में पेपर लीक से कमाया गया काला धन रखा गया है।
इस मामले की पहली छापामारी 13 अक्टूबर को हुई थी। लॉकर धारकों का डेटा तैयार किया और फिर 20 अक्टूबर को 80 लॉकर धारकों को नोटिस जारी किये गये। 17 अक्टूबर को 3 लॉकरों से 30 लाख रूपये निकाले गये। 21 अक्टूबर को 2.46 करोड़ रूपये बरामद किये गये। अभी तक लॉकरों से 7 करोड़ों रूपये से अधिक का कैश और 12 किलो से ज्यादा सोना जब्त किया जा चुका है।
1100 लॉकर है गणपति प्लाजा में
गणपति प्लाजा में में लगभग 1100 लॉकर है। इनमें से 540 लॉकर एक्टिव नहीं है। कुछ लॉकर्स ऐसे भी मिले है। जिनके मालिक का नाम और पता ही नहीं मिल रहा है। यानी जिनके नाम पर यह लॉकस लिये गये हैं। इनका कोई अस्तित्व ही नहीं है। रेड के बीच आयकर विभाग ने कुछ महत्वपूर्ण कागजात भी जब्त किये गये है। जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
जो कहा था वहीं निकला-किरोडीलाल मीणा
गणपति प्लाजा के लॉकरों से नगद कैस और गोल्ड बरामद होने के बारे में पूछे जाने पर भाजपा सांसद किरोणीलाल मीणा ने कहा, मैंने जो कहा था, आखिकरकार वहीं हुआ है। इन लॉकर्स को खुलवाने के लिये केएल मीणा धरना पर बैठे थे। उनका कहना था कि गणपति प्लाजा के 100 लॉकर्स ने 50 किलो सोना और लगभग 500 करोड़ रूपये कालाधन छिपाकर रखा गया है। उन्होंने इस संबंध में राजस्था एंटी करप्शन ब्यूरो, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय में शिकायत भी दर्ज की कराई थी। उनका आरोप है कि यह पैसे राजस्थान में हुए विभिन्न घोटालों और पेपर लीक स्कैम से जमा किये गये है।
