अवैध वसूली के धन से विधायक खरीदती है भाजपा-पूर्व केन्द्रीय प्रदीप जैन
ग्वालियर. मध्यप्रदेश में परिवहन विभाग के 47 वैध और 17 अवैध चैक पोस्ट चल रहे हैं। यहं से खाली ट्रक 1500 और भरे ट्रक 3500 रूपये आरटीओ चैक पोस्ट से वसूले जा रहे है इस तरह से 65 हजार वाहन चैक पोस्ट से निकलते हैं इन वाहनों पर 450 करोड़ रूपये प्रतिमाह से अवैध वसूली की जा रही है। इस तरह की अवैध वसूली से भाजपा के लोग विधायकों को खरीदते हैं और हाईटेक ऑफिस बनाते हैं इसे हम मामा वसूली के नाम से जानते हैं यह वसूली बन्द होना चाहिये। पिछले 18 वर्षो में अवैध वसूली हो रही है यह आरोप पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने आयोजित पत्रकारवार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए लगाये। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता सुरेन्द्र सिंह, अनुमा आचार्य, आरपी सिंह, राम पांडे और धर्मेन्द्र शर्मा मंचासीन थे।
मध्यप्रदेश में वर्ष 2018 में भाजपा को जनता ने पूरी तरह से नकार दिया था लेकिन कुछ को दौलत की लालच देकर अपनी तरफ मिलाया और जो लालच में नहीं आया उसको धमका कर भाजपा वर्ष 2018 में मध्य प्रदेश में सत्ता पर काबिज हुई। पिछली बार विधायकों को खरीदकर भाजपा ने आपको आईना दिखाया कि लो तुम्हारे कांग्रेस को वोट देने से क्या होता है, हमने खरीद लिये विधायक और बना ली सरकार।
देश में 3 काले किसान क़ानून केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के संरक्षण में बने और फिर साल भर बाद वापिस ले लिए गए थे. ये भी चर्चा का विषय रहा कि केंद्रीय कृषिमंत्री जी ने किसानों या किसान समूहों से न तो क़ानून बनने से पहले चर्चा की और न ही तब, जब आंदोलन करने से पूर्व किसान उनसे मिलने का समय माँगते रहे! बल्कि 18 सितम्बर 2020 को उन्होंने इन कानूनो के बारे में ट्विटर पर कहा कि “कुछ राजनीतिक दलों द्वारा झूठ फैलाकर, देश की जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास किया जा रहा है। कृषि बिल 2020 पूरी तरह से किसान हितैषी और उनकी आय में वृद्धि करने के लिये उठाया गया मोदी सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है”।
हमारा वचन है कि काँग्रेस की सरकार बनने पर किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य 2600 रुपए और धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपए दिया जायेगा और फिर इसे बढ़ाकर 3000 रुपये तक ले ज़ाया जायेगा।
