शरदपूर्णिमा पर शनिवार को चंद्रग्रहण का साया, भारत में 4.05 बजे लगेगा सूतक

नई दिल्ली. शनिवार 28 अक्टूबर भारत में चन्द्रग्रहण लगने वाला है। यह चन्द्रग्रहण रात 11.31 बजे आरंभ होगा और इसका समापन देर रात 3.56 बजे होगा। ज्योतिष के मुताबिक चन्द्रगंहण मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में लगेगा। इस चंद्रग्रहण का सूतक कल शाम 4 बजेकर 5 मिनट पर लेगा। सूतककाल में शुभ और मांगलिक कार्यपूर्णतः वर्जित माने जाते है।
शरद पूर्णिमा पर खीर का महत्व
हिन्दू धर्म में शरदपूर्णिमा का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि शरदपूर्णिता का व्रत करने से सभी मनोकामनायें पूरी होती है। शरद पूर्णिमा को कोजागिरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है इस दिन चंद्रमा धरती पर अमृत की वर्षा करता है। शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। शरद पूर्णिमा का चांद और साफ आसमान मानसून के पूरी तरह से चले जाने का प्रतीक है। कहते हैं कि यह दिन इतना शुभ और सकारात्मक होता है कि छोटे से उपाया से बड़ी-बड़ी विपत्तियां टल जाती है।
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी दिन मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था इसलिए धन प्राप्ति के लिए भी ये तिथि सबसे उत्तम मानी जाती है. इस दिन प्रेमावतार भगवान श्रीकृष्ण, धन की देवी मां लक्ष्मी और सोलह कलाओं वाले चंद्रमा की उपासना से अलग-अलग वरदान प्राप्त किए जाते हैं. शरद पूर्णिमा पर, चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होता है. इस दिन चांदनी सबसे चमकीली होती है. इस दिन चांद की चांदनी से अमृत बरसने की मान्यता होने की वजह से भक्त खीर तैयार करते हैं और इसे चंद्रमा की रोशनी में रख देते हैं ताकि चंद्रमा की दिव्य किरणों को इकट्ठा किया जा सके. अगले दिन, इस खीर को प्रसाद के रूप में सभी के बीच वितरित किया जाता है. इस बार शरद पूर्णिमा 28 अक्टूबर यानी आज है.
