ग्वालियर विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा राजपूतों में आक्रोश
ग्वालियर. राजपूत क्षत्रिय नेताओं ने सुनील शर्मा को ग्वालियर विधानसभा से टिकट दिये जाने पर खुलकर विरोध कर रहे है। ग्वालियर विधानसभा में टिकट वितरण के बाद कांग्रेस पार्टी में असंतोष पनन गया हे। कांग्रेस ने यहां पिछलीबार 33 हजार से अधिक वोटों से हारे हुए सुनील शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने सुनील शर्मा को सिंधिया का एजेंट बताया है और कांग्रेस नेतृत्व के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है।
चुनाव में मुश्किल हो सकती है
हालांकि इस मामले में सुनील शर्मा ने कहा है कि वह रूठे हुए लोगों को मना लेंगे। उन्होंने इसे कांग्रेस का पारिवारिक और आतंरिक मामला बताते हुए मामले को दबाने का प्रयास किया है। लेकिन जिस तरह से राजपूत क्षत्रिय समाज के नेताओं ने एक साथ मिलकर कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा के खिलाफ लामबंद होकर मोर्चा खोला है। उसे कांग्रेस पार्टी को विधानसभा चुनाव में मुश्किलों का सामना करना प्ड़ सकता है।
निर्णायक भूमिका में है राजपूत मतदाता
दरअसल ग्वालियर विधानसभा सीट पर राजपूत क्षत्रिय मतदाता भारी तादाद में है। इस आधार पर कांग्रेस में यह सभी क्षत्रिय राजपूत नेता कांग्रेस पार्टी से टिकट दिये जाने की मांग कर रहे थे। लेकिन यहां पर कांग्रेस ने ब्राहम्ण वर्ग से आने बाले सुनील शर्मा पर भरोसा जताया है। सुनील शर्मा पिछला उपचुनाव भी ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर से 33 हजारा वोटों से हार गये थे। हालांकि अपनी करारी हार के लिये सुनील शर्मा ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर पर उपचुनाव में सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग कर चुनाव जीतने का आरोप लगाया था।
