किसानों व छोटे कारोबारियों को ब्याज पर छूट, मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ी, एक देश एक राशनकार्ड स्कीम लागू

नई दिल्ली. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण लगातार दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रु. के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के दूसरे चरण की घोषणाएं की। इस दौरान आज प्रवासी मजदूरों, छोटे किसानों, स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी वाले) के लिए 9 बड़े ऐलान किए जा रहे है। वित्तमंत्री ने बताया कि पिछले 3 महीने में 86600 करोड़ रु. के कर्ज बांटे गए और 25 लाख नए किसान कार्ड दिए गए है। किसानों को 31 मई तक कर्ज के ब्याज पर छूट दी गई है। कृषि क्षेत्र के लिए 86600 हजार करोड़ रु. का कर्ज दिया गया है। अपने राज्यों को लौटे प्रवासियों को मनरेगा के तहत काम दिया जाएगा। मजदूरों की दिहाड़ी 182 रु. से बढ़ाकर 202 रु. कर दी गई है। वित्तमंत्री सीतारमण ने एक बडा ऐलान करते हुए कहा कि छोटे कारोबारियों को मुद्रा योजना के तहत लिए 50 हजार के कर्ज पर ब्याज दो प्रतिशत की राहत दी जाएगी और इसके लिए 1500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

3 करोड़ किसानों को कृषि ऋण में अगले 3 महीने तक मिलेगी छूट। 25 किसान क्रेडिट कार्ड सेंक्शन हुए, इनकी लोन लिमिट 25 हजार रु. और पिछले मार्च व अप्रैल महीने में 63 लाख ऋण मंजूर किए गए जिसकी कुल राशि 86600 करोड़ रु. है जिससे कृषि क्षेत्र को बल मिला है। वहीं किसानों की फसल खरीद के लिए 6700 करोड़ रु., नाबार्ड में सहकारी बैंक ऑफ ग्रामीण बैंकों की मदद के लिए 28500 करोड़ रु. मार्च 2020 में दिए।
वित्तमंत्री ने कहा कि गांव वापस लौटने वाले मजदूरों के लिए मनरेगा में रोजाना मिलने वाले रकम को बढ़ाकर 202 रु. रोजाना कर दिया गया इसके लिए 10000 करोड़ रु. का प्रावधान किया गया ताकि वापस गए मजदूरों को काम मिल सकें। प्रवासी मजदूरों की मदद मनरेगा के माध्यम से कैसे की जाए उसके लिए हम योजना लेकर आए है। 13 मई तक 14.62 करोड़ दिन जनरेट किए जा चुके है। 14.62 करोड़ कार्य दिवस का काम 13 मई 2020 तक उपलब्ध कराया गया है। 10 हजार करोड़ का खर्च हुआ है, काम जो ऑफर किया गया वो 2.33 करोड़, पिछले साल के मुकाबले 40 से 50 प्रतिशत अधिक लोगों को काम दिया गया। देश में सभी मजदूरों को समान न्यूनतम वेतन देना होगा, 10 मजदूरों से अधिक के उद्योगों को ईएसआईसी कवरेज जरूरी, मजदूरों को नियुक्ति पत्र भी मिलेंगे व वर्ष में एक बार हेल्थ चेकअप भी होगा।

वहीं सभी प्रवासी मजदूरों को दो महीने तक मुफ्त अनाज, कार्ड होल्डर्स को गेंहू चावल पहले ही मिलता है। निःशुल्क खाद्यान सभी प्रवासी मजदूरों के लिए, ऐसे मजदूर जिनके पास कार्ड नहीं है तो भी उन्हें अब 5 किलो चावल, गेंहू व 1 किलो चना प्रति परिवार के दर से दो महीने तक मिलेगा।
एक देश एक राशन कार्ड स्कीम लागू होगी
देश में एक देश एक राशन कार्ड स्कीम लागू होगी और इसका फायदा यह होगा कि गरीब देश के किसी भी हिस्से में जाएं उन्हें कार्ड से राशन मिल जाएगा।
शहरी गरीबों को 11000 करोड़ रु. की मदद की गई है। एसडीआरएफ के जरिए मदद दी जा रही। गरीबों के लिए बने शेल्टर होम में तीन वक्त का मुफ्त खाना। जिनके पास राशन कार्ड या कोई कार्ड नहीं है उन्हें भी 5 किलो गेहूं, चावल और 1 किलो चना की मदद।
कॉर्पोरेटिव बैंक और रिजनल रूरल बैंक को मार्च 2020 नाबाड ने 29500 करोड़ के रिफाइनेंस का प्रावधान किया। ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए राज्यों को मार्च में 4200 करोड़ की रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड राशि दी गई। वित्तमंत्री ने कहा कि बेशक लॉकडाउन है मगर सरकार काम कर रही है और गरीब हमारी प्राथमिकता में है। किसानों को 4 लाख करोड़ की मदद की गई है। 25 लाख नए किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए है। गरीब कल्याण योजना के जरिए भी मजदूरों की मदद की गई।

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