पीएम मोदी का संदेश-आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिये 20 लाख करोड़ रूपये का पैकेज, 18 मई से लॉकडाउन 4.0 भी होगा
नई दिल्ली. पीएम नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार की रात 8 बजे 54 वें दिन में 5वीं बार देश के सामने आये। अपने संबोधन में उन्होंने 4 अहम बातें कहीं। पहली-देश को आत्मनिर्भर बनाना होगा। दूसरी-आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिये 20 लाख करोड़ रूपये का पैकेज दिया जायेगा। तीसरी-आत्मनिभ्रर बनने की राह में हमे लोक प्रॉडक्ट्स को अपनाना होगा। चौथी-लॉकडाउन का चौथा फैज आयेगा, पर यह नये रंग-रूप और नये नियमों वाला होगा।
33 मिनट के अपने संबोधन में पीएम ने 2300 से भी अधिक शब्दों का उपयोग किया। उन्होंने सबसे अधिक 28 बार आत्मनिर्भर शब्द का जिक्र किया। हालांकि, प्रधानमंमंत्री ने उन प्रवासी मजदूरों को कोई जिक्र नहीं किया, जो पिछले कुछ दिनों से परेशानियों का सामना करते हुए देश के अलग अलग हिस्सों से अपने घरों की ओर जा रहे हैं। उन्होंने आर्थिक पैकेज की घोषणा के दौरान सिर्फ इतना कहा है कि इसमें प्रवासी मजदूरों के लिये भी महत्वपूण्र फैसले होंगे।
मोदी की स्पीच के 3 अहम प्वाइंट
आत्मनिर्भर भारत:
मोदी ने कहा- ‘‘मैंने अपनी आंखों के साथ कच्छ भूकंप के दिन देखे हैं। हर तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा। सबकुछ ध्वस्त हो गया था। ऐसा लगता था मानो कच्छ मौत की चादर ओढ़ कर सो गया था। उस परिस्थिति में कोई सोच भी नहीं सकता था कि कभी हालत बदल पाएगी। लेकिन देखते ही देखते कच्छ उठ खड़ा हुआ। यही हम भारतीयों की संकल्प शक्ति है। हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं। और आज तो चाह भी है, राह भी है। ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना।’’
आत्मनिर्भर भारत के 5 स्तंभ: ‘‘भारत आत्मनिर्भर बन सकता है। यह भव्य इमारत पांच पिलर्स पर खड़ी है।
पहला पिलर– इकोनॉमी। एक ऐसी इकोनॉमी जो इन्क्रीमेंटल चेंज नहीं, बल्कि क्वांटम जम्प लाए।
दूसरा पिलर– इन्फ्रास्ट्रक्चर। एक ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर जो आधुनिक भारत की पहचान बने।
तीसरा पिलर– सिस्टम। ऐसा सिस्टम जो बीती शताब्दी की रीति नहीं, बल्कि 21वीं शताब्दी की टेक्नोलॉजी ड्रिवन व्यवस्था पर आधारित हो।
चौथा पिलर- डेमोग्राफी। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की डेमोग्राफी आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है।
पांचवां पिलर- डिमांड। इसका चक्र और इसकी ताकत का इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है।’’
विशेष आर्थिक पैकेज:
‘‘देश में डिमांड बढ़ाने और इसे पूरा करने के लिए हमारी सप्लाई चेन के हर स्टेकहोल्डर का सशक्त होना जरूरी है। हमारी सप्लाई चेन को हम मजबूत करेंगे, जिसमें मेरे देश की मिट्टी की महक हो। हमारे मजदूरों के पसीने की खुशबू हो। कोरोना संकट का सामना करते हुए नए संकल्प के साथ मैं आज 20 लाख करोड़ रुपए के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं। यह आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा।’’
मोदी ने विशेष पैकेज क्यों दिया
प्रधानमंत्री के मुताबिक, 20 लाख करोड़ रुपए का यह पैकेज भारत की जीडीपी का करीब-करीब 10 फीसदी है। इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को 20 लाख करोड़ रुपए का संबल और सपोर्ट मिलेगा।
यह पैकेज 2020 में देश की विकास यात्रा को और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडी और लॉ… सभी पर बल दिया गया है।
मोदी ने कहा कि आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, लघु उद्योग, एमएसएमई के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन हैं।
आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए, उस किसान के लिए है, जो हर स्थिति और हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहा है। यह पैकेज देश के मध्यमवर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है। यह भारत के उद्योगपतियों के लिए जो भारत को आर्थिक बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं।
‘‘गरीब, श्रमिक, प्रवासी मजदूर हों, मछुआरे हों, हर तबके लिए आर्थिक पैकेज में कुछ महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया जाएगा। कोरोना ने हमें लोकल मैन्यूफैक्चरिंग, लोकल सप्लाई चेन, लोकल मार्केटिंग का भी मतलब समझा दिया है। लोकल ने ही हमारी डिमांड पूरी की है और हमें इस लोकल ने ही बचाया है। लोकल सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है।’’
