कोविड़-19 की इस तकनीकी दवा खोजने में मिल सकती है मदद-वैज्ञानिकों का दावा

नई दिल्ली. वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि वायरल बीमारियों के अध्ययन के लिये प्रयोगशाला में बनाये ऑर्गनॉइड्स या सूक्ष्म मानव अंगों का उपयोग करने वाली तकनीक से कोरोना वायरस पर अनुसंधान को गति मिल सकती है और इसके इलाज के तरीकों का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
कनाड़ा में ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय (यूबीसी) में लाइफ साइंस इंस्टीट्यूट में निदेशक जोसेफ पेनिंगर ने कहा है कि ऑर्गनॉइड्स प्रयोगशाला में बनाये जाने वाले अंग होते हैं जो मानव ऊतकों से काफी हद तक मिलते जुलते होते हैं जो बीमारी के अध्ययन में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
कोविड-19 के लक्षणों का अध्ययन कर रहे हैं
पेनिंगर ने कहा कि मानव अंग जैसी संरचनाओं से वैज्ञानिक यह पता लगाने के लिए और प्रयोग शुरू कर रहे हैं कि कोविड.19 के खिलाफ कौन.सा टीका या दवा कारगर होगी। उन्होंने बताया कि ऑर्गनॉइड्स का इस्तेमाल करने वाले इस अनुसंधान से कोविड.19 के लक्षणों का अध्ययन करने के लिए नए दरवाजे खुल सकते हैं। इन सूक्ष्म अंगों ने पहले ही वैज्ञानिकों की यह समझने में मदद की है कि जीका वायरस से नवजातों में कैसे सिर का आकार छोटा हो सकता है और उनकी बौद्धिक क्षमता पर असर पड़ सकता है।

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