ग्वालियर में स्मार्ट मीटर पर उठे सवाल, बिल बढ़ने की शिकायतों के बाद शुरू हुई टेस्टिंग
ग्वालियर. ग्वालियर चंबल में तेजी से लगाए जा रहे हाईटेक स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं की जेब और मानसिक शांति दोनों पर भारी पड रहे है। शहर के दर्जनों इलाकों से लगातार शिकायतें आ रही है कि स्मार्ट मीटर लगते ही बिजली खपत में अप्रत्याशित उछाल आ गया है और बिल पहले की तुलना में डेढ से दोगुना तक पहुंच रहे है। उपभोक्ताओं के इस बढते आक्रोश और मीटर तेज भागने के आरोपों के बीच बिजली कंपनी ने अब शंका समाधान के लिए एक नया तरीका अपनाया है। कंपनी अब शिकायतकर्ता के परिसर में स्मार्ट मीटर के साथ समानांतर रूप से पुराना मीटर लगाकर दोनों की रीडिंग का तुलनात्मक परीक्षण कर रही है।
उपभोक्ताओं की लगातार आपत्तियों के बाद बिजली कंपनी की तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। परीक्षण के दौरान घर के उपकरणों को एक समान लोड पर चलाकर देखा जाता है कि निश्चित समय में स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर ने कितनी यूनिट दर्ज की। अधिकारियों का दावा है कि यदि परीक्षण में रीडिंग का कोई बडा अंतर या तकनीकी त्रुटि सामने आती है तो मीटर को आगे विस्तृत लैब जांच के लिए भेजा जाता है।
शहरवासियों का सीधा तर्क है कि उनके घर में न तो कोई नया एसी या फ्रिज जुडा है और न ही उपयोग के घंटों में बदलाव हुआ। इसके बावजूद सिर्फ मीटर बदलते ही यूनिट्स की संख्या कैसे बढ गई। दूसरी ओर बिजली कंपनी के इंजीनियरों का तर्क है कि स्मार्ट मीटर डिजिटल और रियल-टाइम खपत दर्ज करते है। पुराने इलेक्ट्रोमैकेनिकल मीटर समय बीतने के साथ सुस्त हो जाते थे या कई बार औसत बिलिंग होती थी। नए मीटर में एक-एक वॉट की सटीक गणना हो रहीहै जिसे उपभोक्ता तेज चलना समझ रहे है।
