ग्वालियर को मिलनी हैं 100 ई-बसें, ई-बस के सेकंड फेस में ग्वालियर, सागर, उज्जैन, रमौआ बांध के पास बन रहे ई बस चार्जिंग स्टेशन


ग्वालियर। ई बस सेवा शुरू होने में अभी समय लग सकता है, क्योंकि शासन ने दूसरे चरण में ग्वालियर को  शामिल किया है। पहले चरण में इंदौर, उज्जैन, जबलपुर में ई बसें चालू की गई हैं। प्रथम चरण की सफलता के बाद प्रशासन दूसरे चरण के शहरों में ई बस चलाने का निर्णय लेगा। वहीं ग्वालियर में रमौआ बांध के पास बन रहे ई बस चार्जिंग स्टेशन पर अभी सिविल वर्क चल रहा है। वहीं ई बसों का परिवहन विभाग मध्यप्रदेश यात्री परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के जरिए संचालित करेगा।   लोकल एवं इंटरस्टेट स्तर पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है।   ग्वालियर को 100 बसें मिलनी हैं, इन बसों के लिए ग्वालियर के रमौआ बांध के पास चार्जिंग स्टेशन बनाया गया है, साथ ही ISBT  पर भी चार्जिंग की सुविधा दी गई है, जिससे बसें रमौआ और ISBT  से चल सकें। फिलहाल बसें आने के लिए इंतजार करना पड़ेगा।अधिकांश शहर के हिस्सों को कवर करेंगी बसें
परिवहन विभाग द्वारा इलेक्ट्रिक बसों के लिए जो रूट निर्धारित किए गए हैं, उसमें अधिकांश शहर को कवर किया गया है, जिससे शहर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अधिक से अधिक रूटों पर किया जा सके। इसके साथ ही इन बसों को दो हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें एक रूट शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होता हुआ रमौआ चार्जिंग स्टेशन तक जाएगा, जबकि दूसरा आईएसबीटी तक जाएगा। जिससे दूसरे जिलों में यात्रा करने वाले यात्री वहां तक पहुंच सकें।आईएसबीटी तैयार लेकिन नहीं चली बसें
आईएसबीटी बनकर तैयार हो चुका है, इसके संचालन का ठेका शुरू हुए एक साल बीत चुका है, लेकिन इसके बाद भी यहां से अभी तक बसों का संचालन प्रारंभ नहीं हो पाया है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण परिवहन विभाग द्वारा बसों के संचालन के लिए दिए गए परमिट माने जा रहे हैं। परिवहन विभाग ने इन बसों के संचालन के परमिट पड़ोस बस स्टैंड से दिए हुए हैं, जो कि अभी तक संचालित हो रहे हैं।

 

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