ग्वालियर के बाजारों में 42 दिन बाद लौटी रौनक
ग्वालियर. लॉकडाउन के तीसरे चरण में लोगों को राहत मिल रही है और आज बाजारों में 42 दिन बाद रौनक लौट आई है। आज सुबह से ही लोग खरीदारी करने के लिए घरों से बाहर निकले तो कई लोग बाजार का हाल जानने के लिए बाहर आए।
22 मार्च से शहरभर में सन्नाटा
कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए लॉकडाउन किया गया और 22 मार्च से शहरभर में सन्नाटा पसरा हुआ था सिर्फ कुछ घंटे के लिए जरूरी सामान खरीदने के लिए लोग निकलते और इसके बाद घरों में कैद हो जाते, जो लोग सड़कों पर आते उन्हें पुलिस खदेड़ रही थी लेकिन आज बाजारों का नजारा बदला हुआ था। सुबह 6 बजने के साथ ही दुकानों के शटर खुल गए और कई लोग खरीदारी करने के लिए घरों से बाहर आ गए। इस दौरान पुलिस भी इन लोगों को भगाने के बजाए समझाइश दे रही थी कि शारीरिक दूरी बनाकर रखें और जल्द से जल्द सामान खरीद लें। सुबह कोई सब्जी लेने के लिए तो कोई किराने का सामान खरीदने के लिए दुकानों पर खड़ा नजर आ रहा था जिन बाजारों और गलियों में 42 दिनों से सन्नाटा था वहां आज लोगों की भीड़ नजर आ रही थी और लोग बाहर निकलकर सोशल डिस्टेसिंग का पालन भी कर रहे थे। महाराज बाड़े पर पुलिस ही पुलिस नजर आती थी लेकिन आज लोग घूमते हुए नजर आए ओर कई लोग रस्सी बाजार पहुंचकर तिरपाल और रस्सी की खरीदारी करते देखे गए।
किराना, सब्जी, दवाई लेने निकले लोग
शहर में स्थित अधिकांश दुकानें आज खुली हुई है। खेरिज, थोक किराना व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर उठा लिए तो वाहन सुधारने वाले, ऑटोमोबाइल वालों ने भी शटर उठाकर सर्विस करना शुरू कर दिया इसके अलावा रस्सी बाजार में व्यापारी व्यापार कर रहे है तो इलेक्ट्रोनिक कारोबारी होम डिलेवरी के लिए बुकिंग कर रहे है। इसके साथ ही बाजारों में आज फोटो स्टेट, कॉपी-किताबों की दुकानें खुली हुई है लेकिन हाईकोर्ट और फूलबाग चौपाटी के पास की किताबों की दुकानें बंद है।
