टीआई यशवंत पाल का निधन, बेटी फाल्गुनी को एसआई पर नियुक्ति और 50 लाख रूपये की शिवराज ने की घोषणा
इन्दौर(उज्जैन). उज्जैन के नीलगंगा थाना टीआई यशवंत पाल आयु 59 वर्ष की कोरोना वायरस के संक्रमण के इन्दौर में उपचार के दौरान मौत हो गयी है। 27 मार्च को उनके थाना क्षेत्र की अम्बर कॉलोनी में कोरोना पॉजिटिव संतोष वर्मा की मौत हुई थीं। इसके बाद कंटेनमेंट एरिया की व्यवस्था टीआई स्वयं देख रहे थे। यहीं पर वह संक्रमित हुए और उनकी हालत बिगड़ती चली गयी। लम्बे इजाल के बाद इन्दौर के अरबिन्दो अस्पताल में मंगलवार की सुबह 5.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
ऐसा बताया जा रहा है कि पाल एक माह से उन्हें सर्दी और बुखार बना हुआ था। मूलतः बुरहानपुर के निवासी पाल के परिवार में पत्नी और 2 बेटियां हैं। पत्नी मीना पाल तहसीलदार है। पाल का परिवार इन्दौर के ही विजयनगर कॉलोनी में रहता है। उनके संपर्क में आये 12 पुलिसकर्मियों को आइसोलेट कर दिया गया है। 2 दिन पूर्व इन्दौर के थाना प्रभारी देवेन्द्र चंद्रवंशी की भी कोरोना से जान चली गयी थी।
परिवार को ढांढस बंधाया शिवराज ने
दुःख की इस घड़ी में दिवगंत यशवंत पाल जी के परिवार के साथ मैं व पूरा प्रदेश खड़ा हैं
शोकाकुल परिवार को राज्य शासन की तरफ से सुरक्षा कवच के रूप में 50 लाख रूपये, असाधारण पेंशन, बेटी फाल्गुनी को उपनिरीक्षक के पद पर नियुक्ति व स्वर्गीय पाल को मरणोपरांत कर्मवीर पदक से सम्मानित किया जायेगा।
शिवराजसिंह चौहान
डीजीपी विवेक जौहरी ने शोक व्यक्त किया
वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ साहसिक जंग लड़ते हुए यशवंत पाल ने अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। श्री जौहरी ने मध्यप्रदेश पुलिस परिवार की ओर से उनकी शहादत को कोटिशःनमन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। कर्तव्य की बलिवेदी पर शहीद हुए हैं।इन दोनों पुलिस अधिकारियों के आसामयिक निधन से पूरा मध्यप्रदेश पुलिस परिवार स्तब्ध एवं शोकाकुल है। इन अधिकारियों द्वारा प्रदर्शित कर्तव्यपरायणता एवं साहस से हम सब गौरवान्वित हुए हैं। इन जांबाजों ने कर्तव्यपथ पर अपने प्राणों की आहुति देकर मध्यप्रदेश पुलिस की देशभक्ति एवं जनसेवा सर्वोपरि होने की भावना को साकार किया है।
