कोरोना वायरस के खिलाफ जंग तैयारी- डीआरडीई के वैज्ञानिकों ने तैयार की वायरस फ्री टनल
ग्वालियर. रक्षा अनुसंधान एवं विकास स्थापना (डीआरडीई) की वैज्ञानिक टीम ने बिना छुट्टी लिये जुटकर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये वायरस रहित मल्टीपरपज डिकांटेमिनेशन स्टेशन का तैयार किया है। 20 फीट लम्बी और 10.2 फीट चौडी टनल तैयार की गयी है। इसके अन्दर प्रवेश वाले कोरोना वायरस के संदिग्ध वाहन या व्यक्ति को पूरी तरह से वायरस फ्री हो जाता है। केमीकल हमले की स्थिति में दूषित वाहन में मौजूद खतरनाक केमीकल का डिकंटामिनेशन भी इस टनल में किया जा सकेगा। टनल में सेनिटाइजेशन में उपयोग होने वाले सॉल्यूशन के फार्मूले पर शोध किया जा रहा है। इसलिये अभी टनल को इस्तेमाल के लिये नहीं दिया गया है डीआरडीई के डायरेक्टर डॉ. डीके दुबे, एसोसियेट डायरेक्टर डॉ. एके गुप्ता और अरूणाचल विश्वकर्मा की निगरानी में लॉकडाउन के दौरान यह इनोवेशन किया गया हैं।
टनल को विकसित करने में अरूणाचल विश्वकर्मा की अहम भूमिका
कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के लिये डीआरडीई के वैज्ञानिकों की टीम बिना छुट्टी लिये जुटी हुई है। कोरोना के संदिग्ध मरीजों के सैम्पल के परीक्षण के साथ ही दिल्ली, डीआरडीई और सेना के लिये सैनिटाइजर तैयार करने के साथ ही वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये नये सॉल्यूशन को लेकर शोध करने में जुटी हुई है। लॉकडाउन के कारण डीआरडीई को टनल स्टेशन के निर्माण के लिये जब बाजार में सामान उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में एआरडी स्टेशन आगरा और एमईएस से सामान उपलब्ध करवाया जायेगा। टनल को तकनीकी स्वरूप प्रदान करने में डीआरडीई के वैज्ञानिक अरूणाचल विश्वकर्मा की अहम भूमिका हैं।
टनल की खासियत
टनल स्टेशन में एयर कंप्रेशन लगा हुआ है जो सैनिटाइज के इस्तेमाल किये जा रहे लिक्विड का हवा के साथ मिलाकर एरोसॉल सॉल्यूशन बनाकर तैयार करता है।
इसके छिड़काव से पर्सन या वाहन पर करने से उनका डिकंटमिनेशन यानी उन्हें वायरस फ्री किया जा सकेगा।
स्टेशन में 10 स्प्रे, 3 शॉवर और 8 माइक्रो स्प्रे लगाये गये हैं। इसमें पैराशूट में इस्तेमाल होने वाले कपड़े का उपयोग किया गया हैं।
शोध जारी है
डीआरडीई में सैनिटाइजेशन व डिकंटामिनेशन टनल स्टेशन के निर्माण तथा उसमें उपयोग किये जाने वाले सॉल्यूशन पर अनुसंधान किया जा रहा है, शीघ्र यह काम पूरा कर लिया जायेगा।
डॉ. एके दुबे, डायरेक्टर डीआरडीई
टनल का तैयार है प्रोटोटाइप
डीआरडीई ने टनल का प्रोटो टाइप तैयार कर लिया गया है इसमें 2 व्हीलर या 4 व्हीलर को वायरस से फ्री किया जा सकता है। लेकिन जहां तक इंसान को वायरस फ्री करने सवाल है उस पर कितना केमीकल का उपयोग किया जाना है इस पर अभी शोध जारी है। जिससे इंसान पर हानिकारण प्रभाव न पड़े।
परितोष मालवीय, पीआरओ, डीआरडीओ, ग्वालियर
