ग्वालियर में महिला का अपहरण, 8 साल से लापता, हाईकोर्ट ने सीआईडी के प्रमुख को मंगलवार को ही तलब किया

ग्वालियर. 2013 में रतनगढ् की माता के दर्शन करने के लिए गई महिला के अपहरण के मामले में हाईकोर्ट ने मामले की जांच करने वाली एजेंसी सीआईडी के प्रमुख को मंगलवार को ही तलब किया है। इस मामले की सुनवाई सोमवार को हुई और सुनवाई में जस्टिस शील नागू ने मंगलवार को ही न्यायालय में सीआईडी प्रमुख को पेश होने के आदेश दिए।
अपहरण हुई महिला के पति गन्धर्व सिंह के अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने हाईकोर्ट में तर्क रखा कि एक महिला की इज्जत, आबरू और जीवन की रक्षा के लिए असीमित समय नहीं दिया जा सकता। 8 साल बीतए गए पुलिस और सीआईडी दोनों ही ढूंढने में असफल रहें इसलिए इस मामले की विवेचना सीआईडी विभाग से वापस ले कर सीबीआई को सुपुर्द की जाए।
8 वर्षों से महिला को खोजने में असफल जिला पुलिस एवं सीआईडी विभाग पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने सीआईडी टीम प्रमुख को कल ही हाईकोर्ट में उपस्थित होने के आदेश दिये है। दरअसल 21 जुलाई 2013 को मुरार निवासी उषा जाट तरनगढ़ माता के मंदिर पुत्र प्राप्ति की मंगत मागने गई थी तभी रास्ते में चरवाहों ने उसका अपहरण कर लिया और उसे जंगल में ले गए और तब से उसका कोई अता-पता नहीं है। हाईकोर्ट के आदेश पर एसपी, आईजी और एसआईटी द्वारा मामले की विवेचना की गई लेकिन मामले में कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया तब हाईकोर्ट ने मामले की विवेचना 22 जून 2018 को सीआईडी विभाग को सौंपी गई।

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