दतिया में फिर उपचुनाव की अटकलें, घनश्याम सिंह के निर्वाचन को HC में चुनौती
दतिया. दतिया 1 साल में चौथी बार चर्चा में है, पहले राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने से उपचुनाव घोषित हुए फिर भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया जिसके बाद उपचुनाव हुआ और अब जीते हुए विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इसी बीच भाजपा ने आखिरकार हार के 49 दिन बाद नया जिलाध्यक्ष भी चुन लिया है।

कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को अदालत से 2 साल की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी सदस्यता गई, कांग्रेस ने भी उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया और दतिया सीट खाली हुई। भाजपा ने 15 साल से लगातार विधायक रहे नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आषुतोष तिवारी को मैदान में उतारा। कांग्रेस ने घनष्याम सिंह पर भरोसा जताया। 30 जुलाई को हुए उपचुनाव में आषुतोष तिवारी को मैदान में उतारा। कांग्रेस ने घनष्याम सिंह पर भरोसा जताया। 30 जुलाई को हुए उपचुनाव में आषुतोष तिवारी को 6016 वोटों से हार मिली। हार के बाद भाजपा ने 4 अगस्त को दतिया का पूरा जिला संगठन भंग कर दिया तत्कालीन जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुषवाहा समेत पूरी कार्यकारिणाी हटा दी गई। इसके बाद करीब 49 दिन तक नया जिलाध्यक्ष घोषित नहीं हुआ। इसी दौरान खबरें आने लगीं कि पार्टी नरोत्तम मिश्रा को फिर तरजीह दे सकती है, दिल्ली और भोपाल में कई बडे नेताओं से उनकी मुलाकातें हुईं, फोटो और बयान वायरल हुए। अब एक ही दिन में दो बडे घटनाक्रम सामने आए। घनष्याम सिंह के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चूनौती और भाजपा के नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति।
याचिका के अनुसार 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद दतिया में हुए विरोध प्रदर्षन और चक्काजाम के दौरान अलग-अलग जगहों पर एफआईआर दर्ज हुई थी और एक एफआईआर में करीब 22 लोगों के साथ घनष्याम सिंह का नाम भी षामिल था। घनष्याम सिंह ने अपने षपथ पत्र में दो लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी लेकिन इस मामले का जिक्र नहीं किया। चर्चा यह भी है कि याचिका का आईडिया आषुतोप तिवारी का है।
