Aerospace X1:- दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक प्लेन ने भरी उड़ान, खर्च आया केवल 480 रूपये

नई दिल्ली. सैकड़ों किलोमीटर की उंड़ान भरने और खर्च सिर्फ 480 रूपये, अमेरिका के एक स्टार्टअप के इलेक्ट्रिक विमान एक्स1 ने पहली टेस्ट फ्लाइट के साथ हवाई सफर का फ्यूचर दिखा दी है। अब कम्पनी 30 यात्रियों वाले ईएवस-30 हाईब्रिड एयरक्रॉफ्ट के माध्यम उड़ान का खर्च 40 प्रतिशत से अधिक घटाने की तैयारी में है।
अमेरिकी स्टार्टअप हर्ट एयरोस्पेस (Heart Aerospace) हाल ही में अपने ऑल -इलेक्ट्रिक फ्लाइट एक्स1 की पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट बताया जा रहा है। जिसने पहली बार 12 अगस्त को न्यूयॉर्क के प्लैट्सबर्ग इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी 27 मिनट की इस टेस्ट फ्लाइट में विमान 1,100 फीट की ऊंचाई तक गया और सफलतापूर्व लैंड किया है।
Aerospace X1 की साइज
विंग स्पैन (पंखों का फैलाव) 32.3 मीटर
लंबाई 23.2 मीटर
ऊंचाई 7.3 मीटर
टेक-ऑफ वज़न 11,340+ किग्रा
बदल जाएगी एयरलाइंस की दुनिया
इलेक्ट्रिक विमान की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ प्रदूषण कम करना नहीं है, बल्कि इसके जरिए एयरलाइंस के ऑपरेटिंग कॉस्ट को भी घटाने की कोशिश की जा रही है. आज कल के एयरक्राफ्ट को ऑपरेट करना काफी खर्चीला है. छोटी सी दूरी तय करने में भी इन विमानों में हजारों लीटर फ्यूल फूंक दिए जाते हैं. यहां तक कि, फ्यूल के खर्च को कम करने के लिए भारत जैसे देश एविएशन फ्यूल में भी ब्लेंडिंग का रास्ता ढूंढ रहे हैं, ताकि ऑपरेशन कॉस्ट को कम किया जा सके और फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम हो.

