ग्वालियर में ब्लैक में आसानी से नहीं मिल रहा सिलेंडर, न एजेंसियां दे रही नया कनेक्शन
ग्वालियर. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बाद उपजे वैश्विक हालातों का असर अब शहर की रसोई तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण एलपीजी गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। संकट इतना बढ़ गया है कि अब वैध कनेक्शन धारकों को भी सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और बुकिंग नंबर के आधार पर ही आपूर्ति की जा रही है। इस व्यवस्था ने उन उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है, जो अब तक बिना वैध कनेक्शन के ‘जुगाड़’ या बिना नंबर के सिलेंडर ले रहे थे। वर्तमान परिस्थितियों में बिना कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस पाना नामुमकिन सा हो गया है। नया कनेक्शन लेने के लिए जब लोग गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, तो वहां उन्हें सिर्फ निराशा हाथ लग रही है। एजेंसियों पर नए कनेक्शन देने का काम लगभग ठप है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कतारों में खड़े होने के बावजूद एजेंसी संचालक उनके दस्तावेज (डॉक्यूमेंट्स) तक जमा नहीं कर रहे हैं। कनेक्शन के खाद्य विभाग के पास शिकायत करने लगे हैं।
30 तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो बंद हो जाएगी गैस
एक तरफ जहां नए कनेक्शन के लिए मारामारी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दुरुपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। सभी उपभोक्ताओं को आगामी 30 जून तक हर हाल में अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करानी होगी। अगर एक ही परिवार या एक नाम पर दो गैस कनेक्शन संचालित पाए जाते हैं, तो जांच के बाद एक कनेक्शन को तुरंत ब्लॉक (बंद) कर दिया जाएगा।

