एडवोकेट और थानेदारनी ने लगाई फांसी, प्रेमी ने लिखा-प्रेम में मुक्ति नहीं मृत्यु, 30 दिसम्बर को शादी तय थी आरक्षक के साथ देखा लगाई फांसी

ग्वालियर. सोमवार को एक अभिभाषक ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। 30 दिसम्बर को उसकी शादी मुरैना में पदस्थ एक महिला सब इंस्पेक्टर से होने वाली थी। वह उससे मिलने गया था। जहां उसने प्रेमिका को अपने कमरे में एक अन्य आरक्षक के साथ देखा तो इसी बात को लेकर विवाद और हाथापाई हुई। इसकेबाद वकील ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रेम में मुक्ति नहीं….मृत्यु है। लिख स्टेटस डाला। इस स्टेट्सपर प्र्रेमिका की तरफ से ‘‘ब्लेस कमेंट भी किया गया था। परिजनों का आरोप है कि प्यार में धोखा मिलने और मानसिक दबाव की वजह से उसने यह कदम उठाया। मृतक की पहचान मृत्युंजय चौहान के रूप में हुई है। जो ग्वालियर के आदर्शपुरम में किराये के मकान में रहता था। वह वकालत के साथ-साथ पीएचडी भी कर रहा था। खबर मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया और मामले की जांच जारी है।
5 वर्षो से चल रहा प्रेम संबंध
युवक की मां शिवकुमार ने बताया कि बेटे पिछले 5 सालों से मुरैना में पदस्थ एक महिला एसआई से प्रेम संबंध था। शुक्रवार का ेवह प्रेमिका से मिलने गया था। जहां उसने उसे एक अन्य आरक्षक के साथ कमरे में देखा और इसके बाद दोनों में विवाद हुआ। मारपीट भी हुई। उसी घटना के बाद से वह अवसाद में चला गया । 30 दिसम्बर को दोनों की शादी तय थी। मां के अनुसार उन्होने बेटे को कई बार समझाने का प्रयास किया था। सोमवार को वह विजयपुर से ग्वालियर में बेटे से मिलने आयी थी। लेकिन यहां उन्हें उसके आत्महत्या करने की खबर मिली थी। मृत्युजंय पिता गुजरात के वड़ोदरा में रहते हैं।
थाने में शिकायत, नहीं हुई सुनवाई
परिजनों का आरोप है कि मृत्युंजय ने प्रेमिका के घर हुई मारपीट को लेकर थाने में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने अपनी मां को फोन कर रोते हुए पूरी बात बताई थी।
शव को फांसी से उतारने के बाद जब पुलिस ने मृत्युंजय का कड़ा, चेन और ताबीज उसकी मां को सौंपा तो वह फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने कहा, “इनका मैं क्या करूंगी, भगवान ने मेरा असली सहारा ही छीन लिया।” मां ने बताया कि हाल ही में मृत्युंजय ने ही उनका दिल्ली में ऑपरेशन कराया था और रोज फोन कर उनका हालचाल पूछता था। मां का आरोप है कि बेटे ने अपने हिस्से की रकम से ग्वालियर में दो प्लॉट प्रेमिका के नाम खरीदे थे। सब कुछ सामान्य लग रहा था, किसी तरह का शक नहीं था।

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