रेलवे की नई तकनीक: अब हेलमेट देगा हाई वोल्टेज खतरे की चेतावनी
नई दिल्ली. रेलवे के हाई वोल्टेज बिजली तारों के बीच काम करना कर्मचारियों के लिए हमेश जोखिम भरा होता है। जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में अब उनकी सुरक्षा के लिए तकनीक को सुरक्षा कवच बनाया जा रहा है। नवनिर्मित वंदे भारत ट्रेन मेंटेनेंस डिपो में कर्मचारियों को सेंसरयुक्त स्मार्ट हेलमेट से लैस किया जा रहा है। इसकी खासियत यह है कि हाई वोल्टेज ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन के नजदीक पहुंचते ही हेलमेट आवाज और रोशनी के जरिए खतरे का अलर्ट देगा। यानी खतरे का अहसास अब कर्मचारी को छूने से पहले ही हो जाएगा।
स्मार्ट हेलमेट
वंदे भारत ट्रेन मेंटेनेंस डिपो पुराने कोचिंग डिपो के नजदीक बनाया गया है। यहां कर्मचारियों की सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा गया है। विशेषकर ऐसे कर्मचारी जो इस ट्रेन का मेंटेनेंस करेंगे। इसमें सभी विभागों के कर्मचारी है। इस ट्रेन में एसी फिल्टर से लेकर अन्य जरूरी उपकरणों का मरम्मत ट्रेन की छत पर चढकर करना पडता है। ट्रेन के ऊपर ओएचई तार होता है। जिसे देखते हुए ही इस सेंसरयुक्त हेलमेल की आवश्यकता महसूस की गई। हालांकि देश के इस चौथे वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो की खासियत यहां लगी रिट्रैक्टेबल ओवरहेड इलेक्ट्रिक प्रणाली है। इसके जरिए छत पर मरम्मत और रखरखाव का काम करते समय बिजली के तारों को जरूरत के अनुसार हटाया जा सकता है।
