मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के बीच सरकार बनाने की तैयारी, पहुंचे राज्यापाल से मिलने 10 विधायक, 8 भाजपा के, 44 विधायकों का समर्थन
इम्फाल. मणिपुर में 10 विधायकों ने बुधवार को राज्यपाल अजयकुमार भल्ला से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया गया है। इनमें 8 भाजपा, एनपीपी और निर्दलीय के एक-एक विधायक हे। इन्होंने दावा किया है इनके पास 44 विधायकों का समर्थन है। गर्वनर से मुलाकात के बाद भाजपा विधायक थोकचेम राधेश्याम ने कहा है कि कांग्रेस को छोड ़कर 44 विधायक मणिपुर में सरकार बनाने के लिये तैयार है। नयी सकरार के गठन का विरोध करने वाला कोई नहीं है।
मणिपुर विधानसभा अध्यक्ष सत्यव्रतम ने 44 विधायकों से मुलाकात की है। दूसरी ओर विधानसभा अध्यक्ष सत्यव्रत केन्द्रीय नेतृत्व के बुलावे पर दिल्ली के लिये रवान हो गये और ज्लदह ी सरकार बनाने पर आलाकमान का फैसला आ सकता है। मणिपुर में 60 विधानसभा सीटे हैं। सरकार बनाने के लिये बहुमत का आंकड़ा है।
बीरेन सिंह ने 9 फरवरी को दिया इस्तीफा, उसके बाद राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है। 9 फरवरी को भाजपा सरकार का नेतृत्व करने वाले तत्कालीन सीएम एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। बीरेन सिंह पर राज्य में डेढ़ साल से ज्यादा समय तक चली हिंसा न रोक पाने के चलते काफी दबाव था।
मणिपुर में कुकी-मैतेई के बीच 3 मई, 2023 से अब तक हिंसा हो रही है। इन दो सालों में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। 1500 से ज्यादा घायल हुए। 70 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हैं। 6 हजार से ज्यादा FIR दर्ज हुई हैं। विपक्षी पार्टियां हिंसा के मुद्दे पर लगातार NDA से सवाल पूछ रही थीं।
