बंदूकधारियों की मौजूदगी में अवैध रेत खनन है जारी, वन विभाग और पुलिस की मिलीभगत का है आरोप

दतिया. सिंध नदी से अवैध रेत खनन का एक वीडियो सामने आया है।जिसमें ग्रामीणों ने वन रेंजर शैलेन्द्र गुर्जर पर गंभीर आरोप लगाये है। उनका कहना है कि रेंजर अपने समाज के कुछ चुनिंदा लोगों का अवैध खनन की अनुमति देकर लाभ पहुंचा रहे है। वहीं रेंजर ने मामले में सफाई देते हुए कहा है कि वीडियो एक महीने पुराना हे। ग्रामीण जिस क्षेत्र की बात कर रहे है। वन उनके अधिकारी क्षेत्र में नहीं है। फिर भी मामले की जांच कराई जायेगी।
अवैध खनन बंदूकधारी लोगों की मौजूदगी में
ग्रामीणों ने बताया है कि लांच थाना क्षेत्र के बिलासपुर खेरेनाघाट से रेत निकालने की अनुमति नहीं है। लेकिन ठेकेदार अवैध रूप् से रॉयल्टी वसूल रहे है। इस घाट पर पहले भी कई विवाद हो चुके है। अवैध हथियारों से फायरिंग की घटनायें भी सामने आयी है। सूत्रों के मुताबिक, रेत खदानों पर हथियारबंद लोगों की मौजूदगी देखी गयी है। लेकिन पुलिस प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। ग्रामीणों ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है। वन विभाग ने कुछ दिन पहले जेसीबी मशीनों से घाटों के रास्ते खोदकर रेत उत्खनन रोका था। लेकिन अगले ही दिन यह गतिविधि फिर से शुरू हो गयी।
मामला अधिकार क्षेत्र का नहीं है, फिर भी कराएंगे जांच- रेंजर
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां वन विभाग की चौकी के सामने से गुजरती हैं। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होती। उनका आरोप है कि पुलिस और वन विभाग की मिलीभगत से यह काम चल रहा है। मामले को लेकर रेंजर शैलेन्द्र गुर्जर का कहना है कि, जिस क्षेत्र की ग्रामीण बात कर रहे है। वह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। फिर भी इस मामले की जांच कराई जाएगी।

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