ट्रम्प के टैरिफ वॉर से अमेरिका का नुकसान होगा, एफ-35 जेट्स की डील को कनाड़ा कर सकता है रद्द
नई दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाये गये 25प्रतिशत टैरिफ के बीच कनाडा अब अमेरिकी एफ-35 स्टील्थ फायटर जेट्स का विकल्प तलाश रहा है। कनाडाई रक्षामंत्री बिल ब्लेयर ने बताया कि देश की वायु सेना ने इसे अपनाने की सिफारिश की थी। लेकिन वह अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। यह फैसला पीएम मार्क कार्नी की नयी कैबिनेट द्वारा लिया गया है।
कनाडा की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है। जब हाल ही में पुर्तगाल ने संकेत दिया है कि वह एफ-35 जेट्स की डील को छोड़ सकते हैं। इनके अलावा पीएम नरेन्द्र मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत से एफ-35 स्टील्थ फायटर जेट की डील का प्रस्ताव दिया था। हालांकि भारत की ओर से अभी स्पष्ट नहीं है कि इस फायटर जेट पर डील होगी या नहीं।
एफ-35 जेट्स के रखरखाव की जिम्मेदारी अमेरिका की होती है
म्सलन, कनाड़ा इस चीज पर फोकस करना चाहता है। फायटर जेट की अर्सेबलिंग कनाडा में ही हो और इस तरह की डील देने वालों को तरजीह देने की योजना है। एफ-35 जेट्स के रखरखाव, ओेवरहॉल और सॉफ्टवेयर अपग्रेड अमेरिका में होते हैं। पिछले साल अमेरिकी सरकारी लेखा काया्रलय की एक रिपोर्ट में एफ-35 की बढ़ती लागत को हाइलाइट किया गया था। जिसे अमेरिका का सबसे एडवांस डिफेंस प्रोजेक्ट माना जाता है।
