ATS ने आगरा से दबोचे 2-ISI एजेंट को भेज रहे थे ड्रोन और गगनयान प्रोजेक्ट की जानकारी
नई दिल्ली. यूपी एटीएस ने आगरा की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री फिरोजाबाद के चार्जमैन रविन्द्र कुमार और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। रविन्द्र आईएसआई के लिये जासूसी कर रहा था। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर को फैक्ट्री से जुड़े गोपनीय कागजात भेज रहा था। एटीएस को रविन्द्र के मोबाइल से ब्हाट्सएप चैट और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हे। एजेंसियां अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में और भी कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
नेहा शर्मा महिला बनी एजेंट
आईएसआई की महिला एजेंट ने फेसबुक पर नेहा शर्मा नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर रविन्द्र का जाल में फंसाया। बातचीत के बीच महिला ने स्वयं को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का एजेंट बताया था। पैसों के लालच में आकर रविन्द्र ने डेली प्रॉडक्शन रिपोर्ट की स्क्रीनिंग कमेटी के गोपनीय लेटर, ड्रोन आर गगनयान प्रोजेक्ट से जुडी जानकारी शेयर की।
मोबाइल से मिले महत्वपूर्ण सबूत
रविन्द्र के मोबाइल से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के सीनियर अधिकारियों, 51 गोरखा राइफल्स के अधिकारियों और लॉजिस्टिक ड्रोन के ट्रायल से जुडे कागजात बरामद हुए है। उसने व्हाट्सएप के माध्यम से गोपनीय जानकारियों साझा की। यूपी एटीएस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपी के अन्य संपर्को का भी पता लगाया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि पिछले साल फेसबुक पर उसकी दोस्ती नेहा शर्मा नाम की लड़की से हुई थी। जिसने स्वयं को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़ा बताया, पैसों के लाल में फंसकर रविन्द्र कुमार ने उसे कई गोपनीय कागजात भेजे।
गोरखा राइफल्स से जुड़ी अहम जानकारी की लीक
एटीएस को रविन्द्र कुमार के मोबाइल की गैलरी से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के वरिष्ठ अधिकारियों और 51 गोरखा राइफल्स के अधिकारियों द्वारा लॉजिस्टिक ड्रोन के ट्रायल से जुडी गोपनीय जानकारी मिली है। इसके अलावा फिरोजाबाद के हजरतपुर स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की डेली प्रॉडक्शन रिपोर्ट ड्रोन, गगनयान प्रोजेक्ट, स्क्रीनिंग कमेटी का कॉन्फिडेंशियल लेटर और पेडिंग रिक्विजिशन सूची जैसी संवेदनशील जानकारी भी जब्त की गयी है। जिसे रविन्द्र ने आईएसआई एजेंट को भेजा था।
