केंद्र सरकार यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लाने की तैयारी कर रही, सभी को पेंशन की तैयारी

नई दिल्ली. केंद्र सरकार एक यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लाने की तैयारी कर रही है, इसके लिए सरकारी नौकरी में होना जरूरी नहीं। श्रम और रोजगार मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार आप प्राइवेट जॉब करते हों दुकान चलाते हों या मजदूरी करते हों ये सभी नागरिकों के लिए स्वैच्छिक और कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम होगी।
यूनिवर्सल पेंशन स्कीम क्या है
2036 तक भारत की बुजुर्ग आबादी यानी 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या 22.7 करोड तक पहुंच जाएगी जो कुल आबादी का 15 प्रतिशत है। 2050 तक यह आंकडा बढकर 34.7 करोड हो सकता है। यानी तब तक हर 5वां शख्स बुजुर्ग होगा। इनमें ज्यादातर के पास बुढापे मे कोई सोशल सिक्योरिटी नहीं होगी। श्रम और रोजगार मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि इस तेजी से बढती बुजुर्ग आबादी को सिक्योर बुढापा देने के लिए सरकार एक यूनिवर्सल पेंशन स्कीम पर काम कर रही है। मंत्रालय में इस स्कीम पर शुरूआती डिस्कशन शुरू हो गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ को इसका ड्राफ्ट बनाने का जिम्मा सौंपा गया है। यूनिवर्सल पेंशन स्कीम का मकसद नौकरीपेशा लोगों के साथ असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले, ट्रेडर्स और सेल्फ एम्प्लॉयड लोगों को भी पेंशन का फायदा पहुंचाना है।
यूनिवर्सल पेंशन स्कीम का फायदा किन लोगों को मिलेगा
सरकारी सूत्रों के मुताबिक 18 साल से ज्यादा उम्र का कोई भी व्यक्ति, जो 60 साल बाद पेंशन पाना चाहता है, वो इस स्कीम का फायदा उठा सकेगा। नौकरीपेशा लोगों के साथ इस स्कीम में 3 सेक्टर के लोगों पर खासा फोकस होगा, क्योंकि उनके लिए फिलहाल बहुत सीमित विकल्प हैं।

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