शिवाय गुप्ता का एक करोड़ रूपये फिरौती के लिये किया था अपहरण, मुरैना में 6 घंटे तक कमरे में था, शॉर्ट एनकाउंटर में 2 गिरफ्तार और 2 फरार

शिवाय किडनैपिंग वाली रात करीब 9 बजे मुरैना के कांजी बसई में मिला था। सरपंच ने उसकी मां-पिता से बात कराई।

ग्वालियर. सीपी कॉलोनी में शक्कर व्यापारी के 6 वर्षीय बेटे के अपहरणकांड के 2 आरोपियों को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। अपहरण की इस घटना में 2 और आरोपी शामिल है, जो फरार है। आरोपियों की बच्चे के बदले एक करोड़ रूपये की फिरोती मांगने की प्लानिंग थी। शुरूआती जांच में यह भी सामने आया है कि अपहृत बच्चे के मामा से रंजिश के चलते आरोपियों ने इस अपहरण की घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस के हत्थे चढ़े राहुल गुर्जर और बंटी गुर्जर ने रेकी की थी, जबकि फरार बदमाश राहुल गुर्जर और भोपाल गुर्जर ने बच्चे की मां की आंखों में मिर्ची झोंक कर बच्चे का अपहरण कर लिया था। अपहरणकांड का मास्टरमाइंड जिगनी गांव निवाी राहुल गुर्जर है। उसकी बच्चे शिवाय के मामा गौरव से अच्छी दोस्ती थी। जो पैसे के लेन-देन में विवाद के बाद रंजिश में बदल गयी। एक वर्ष पहले आरोपी राहुल गुर्जर ने गौरव के बेटे का भी अपहरण करने की कोशिश की थी।

स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार मास्टरमाइंड जीगनी निवासी राहुल गुर्जर और बंटी गुर्जर। वहीं, अपाचे बाइक पर सवार भोला गुर्जर व पिपरई गांव निवासी राहुल गुर्जर।
अपहरण करने की प्लानिंग 11 फरवरी की थी
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने 11 फरवरी को ही अपहरण की योजना बनाई थी। वह ग्वालियर के सीपी कॉलोनी पहुंचे थे लेकिन रविदास जयंती की वजह से स्कूल बन्द होने से बच्चे का अपहरण नहीं कर पाये। 13 फरवरी को वह दोबारा ग्वालियर आये और राहुल गुर्जर और बंटी गुर्जर स्प्लेंडर गाड़ी पर रेकी कर रहे थे। जबकि पिपरई गांव निवासी राहुल गुर्जर और भोला गुर्जर लाल रंग की अपाचे मोटरसाईकिल पर सवार थे। इन्हीं दोनों ने शिवाय का अपहरण किया था।
इस मकान में 5-6 घंटे बन्द रखा था
13 फरवरी को लिटिल एंजेल्स स्कूल जाते वक्त बालक शिवाय का अपहरण किया था। अपहरणकर्त्ता उसे भिंड रोड़ के रास्ते लक्ष्मणगढ़ ले गये। फिर हाइवे से मुरैना शहर के सुभाषनगर स्थित मकान में 5-6 घंटे तक बंद रखा था। पुलिस का दबाव बढ़ने पर वह बच्चे को बड़ोखर, कलारी और नंदेपुरा रोड होते हुए काजी बसई गांव के पास छोड़कर भाग गये। एक ई रिक्शा चालक शाहिद ने बच्चे को रोते हुए देखा और सरपंच को सौंप दिया। सरपंच ने वीडियो कॉल के जरिये बच्चे के परिजनों से बात कराई और माता बसैया थाने प्रभारी जयपाल गुर्जर ने बच्चे को सकुशल बरामद कर एसपी कार्यालय पहुंचाया। पुलिस ने जांच में पाया कि इस अपहरणकांड का मास्टरमाइंड जिगनी गांव निवासी राहुल गुर्जर है। उसके साथ शिवलाल का पुरा निवासी बंटी गुर्जर, पिपरई गांव निवासी राहुल और गड़ौरा गांव निवासी भोला गुर्जर भी शामिल थे। राहुल गुर्जर और बंटी गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि अन्य 2 आरोपी फरार है।

मास्टरमाइंड राहुल गुर्जर (पीली शर्ट में) और बंटी गुर्जर (सफेद शर्ट में)

मास्टरमाइंड राहुल गुर्जर (पीली शर्ट में) और बंटी गुर्जर (सफेद शर्ट में)
दोस्ती जब दुश्मनी में बदल गयी
राहुल गुर्जर ने गौरव के यहां पर कुछ सोना गिरवी रखा था, जिसे बाद में गौरव ने वापिस नहीं किया और जिस वजह से दोनों के बीच मतभेद हो गये और इन मतभेदों के चलते गहरी रंजिश का रूप ले लिया। इसी रंजिश के चलते राहुल गुर्जर, गौरव का दुश्मन बन गया। राहुल गुर्जर ने अपना बदला लेने के लिये पहले गौरव के बेटे का अपहरण करना चाहा लेकिन बच्चा बच निकला और इसके 1 साल के बाद राहुल गुर्जर ने अपने साथी दोस्तो के साथ मिलकर आरती गुप्ता के बेटे शिवाय का अपहरण करने का प्लान बनाया। प्लान के तहत 11 फरवरी को चारों लोग गये थे। लेकिन उस दिन अवकाश होने की वजह से शिवाय स्कूल नहीं गया था। जिससे उनका प्लान पूरा नहीं हो पाया। उसके 2-3 दिन बाद 13 फरवरी को सुबह जब आरती अपने बेटे शिवाय को गोदी में लेकर लिटिल एंजेल्स स्कूल की बस में बैठालने जा रही थी। उस समय उसकी आंखों में मिर्ची झोंकर उसके बेटे शिवाय को हाथ से छुड़ा लिया। छुड़ाने वालों में भोला गुर्जर निवासी गडौरा गांव तथा पिपरी गांव निवासी राहुल गुर्जर थे। दोनों अपाचे बाइक पर बालक शिवाय को बैठा कर ले गये थे तो दूसरी स्पलेंडर गाड़ी पर जिगनी गांव निवासी मास्टरमाइंड राहुल गुर्जर और उसका किरायेदार बंटी गुर्जर था।
एक करोड़ की फिरौती मांगने की थी प्लानिंग
पुलिस को दिए बयान में राहुल गुर्जर ने बताया कि, उनकी एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगने की प्लानिंग थी। इसी प्लानिंग के तहत उन्होंने 5 फरवरी 2024 को राहुल गुप्ता के साले गौरव उर्फ ढप्पू के 6 साल के बेटे को उठाने का प्रयास किया था। अगर उसी समय बदमाशों को पकड़ लिया गया होता तो आज यह नौबत नहीं आती।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस ने बताया कि मास्टरमाइंड राहुल गुर्जर का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, वह ट्रक चलाता है और छोटे-मोटे व्यापार करता है। बंटी गुर्जर किराए पर राहुल के मकान में रहता है और उस पर भी कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। फरार आरोपी पिपरई गांव निवासी राहुल गुर्जर और गड़ौरा गांव निवासी भोला गुर्जर आदतन अपराधी हैं और उन पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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