बल्ली परिहार बोले-पायलट का सिर मैंने अपनी गोद में रखा और पानी पिलाया, मेरे फोन से फोटो खिचवा पत्नी को भेजे, घटना की जानकारी अधिकारियों को दी

शिवपुरी. करैरा के खेत गिरा मिराज 2000 गुरूवार की दोपहर 2.40 बजे क्रेश हो गया था। इसके चंद मिनट पहले दोनों पायलटों ने स्वयं फायटर प्लेन से इजेक्ट कर लिया था। गिरने के बाद दोनों पायलट घायल हो गये थे। गिरा मिराज गिरा वहां पर 10 फीट चौड़ा और मीटर गहरा गड्डा हो गया था। इसके बाद पायलट ने स्थानीय ग्रामीण बल्ली परिहार ने सहारा देकर अपनी गोद में सिर रखा। पायलट ने बल्ली के मोबाइल से ही वायुसेना के अधिकारियों को जानकारी दी। बल्ली परिहार के मोबाइल से पायलट ने बल्ली परिहार के मोबाइल से फोटो खिचवा कर अपनी पत्नी को भेजे और बोले मैं ठीक हूं।

मिराज रातभर जलता रहा। सुबह करीब 7 बजे आग बुझी।
फायटर प्लेन क्रैश की घटना ग्राम पंचायत भैंसा के सुनेरा गांव में घटी, जिसकी जनसंख्या लगभग एक हजार है। मिराज ने ग्वालियर से नियमित उड़ान भरी थी। एयरफोर्स ने घटना की शुरूआती वजह सिस्टम में खराबी बताते हुए जांच के आदेश दिये है।
खाना खाते वक्त दिखाई दिया था विमान
शिवपुरी के नरवर से करीब 37 किमी दूर देरहटा सानी गांव पहुंची। यहां बस्ते के पहले एक खेत में आग जलती हुई दिखाई दे रही थीं टीम खेतों की मेड से चलते हुए  मुख्य सड़क से लगभग 200 मीटर भीतर उस खेत पर पहुंची। जहां मिराज गिरा था। यहां सेना के जवान मिराज को घेरे खड़े थे। जहां मिराज गिरा था वहां से 30 फीट दूर से ही चारों ओर बैरिकेडिंग की गयी। उसके अन्दर किसी को भी जाने नहीं दिया जा रहा था।
तौलिये से मुंह पोछने के बाद पानी भी पिलाया
प्लेन से इजेक्ट होने पायलट को सहारा देने वाले बल्ली परिहार ने बताया है कि हम नदी किनारे बैठे थे। इस बीच धमाके जैसी आवाज आई इसके बाद दो लोग पैराशूट से नीचे आते हुए दिखाई दिये, देखा तो खेत में प्लेन क्रैश हुआ था। मेरे पास पुलिस वालों का नम्बर नहीं था। मैंने ग्वालियर में रहने वाले अपने एक परिचित और छोटे भाई को फोन कर के घटना के बारे में बताया। उन्होंने करैरार और ग्वालियर पुलिस को इसकी सूचना दी। इस बीच मैंने पायलट का सिर अपनी गोदी में रख लिया। पानी पिलाने के बाद मैंने उसका तौलिये से मूंह पोंछा। उन्होंने मेरा फोन मांगा। मुझसे अपना फोटो क्लिक कराया और फिर मेरे ही नम्बर से अपने अधिकारियों को कॉल किया। अपने फोटो पत्नी को भेजे। वह मुझसे अपने दूसरे साथी के बारे मे पूंछ रहे थे, मैंने उनसे कहा कि मैं आपको पीठ पर बैठाकर गांव ले चलता हूं। लेकिन उन्होंने मना कर दिया और वह मुझे बार-बार थैंक्यू कर रहे थे।

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