JU में लग सकती धारा 52 यदि कुलगुरू इस्तीफा नहीं देते हैं तो

ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय में धारा 52 (कुलगुरू को बर्खास्त करना) की चर्चाओं के बीच कुलगुरू अविनाश तिवारी भोपाल के लिये रवाना हो गये। यह शिवशक्ति कॉलेज, झुण्डपुरा मामले के खुलासा के बाद से ही विवादों में चल रहे है। इस कॉलेज को बिना बिल्डिंग व फर्जी प्रिसिंपल के दम पर जेयू 14 साल से संबद्धता जारी कर रहा था। इस मामले मे जेयू के कुलगुरू प्रो. अविनाश तिवारी समेत 17 प्रोफेसरों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने FIR  दर्ज की है। कुलगुरू पर फर्जीवाडा प्रोफेसर रहते करने का आरोप है। इससे राजभवन भी खफा है और साथ ही उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जांच कराई जा रही है। उच्च शिक्षामंत्री के पास पहले ही कुलगुरू की फाइल पहुंच चुकी है। BJP  से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) भी कुलगुरू के खिलाफ आन्दोलन करने की चेतावनी दी है और साथ ही उच्चशिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर JU में धारा 52 लगाने की मांग की है।
रविवार को अवकाश के दिन भी जेयू के गलियारों में चर्चा रही कि JU  में धारा 52 लगाने की कभी भी आदेश जारी हो सकते है। ऐसी चर्चाओं के बीच कुलगुरू रविवार की शाम के समय एक दिन की छुट्टी लेकर भोपाल रवाना हो गये है। इस मामले में OSD  अरविंद पुरोहित से बात करने के लिये फोन किया तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।
नेताओं से मिलेंगे, इस्तीफा दे सकते, मुलाकात के लिये नहीं लिया समय
जेयू प्रशासन के अनुसार कुलगुरू ने राजभवन में राज्यपाल से मिलने के लिये समय नहीं लिया हे। वह भोपाल में भाजपा नेताओं से मिलने के लिये गये है। यहां वह अपनी बात रखेंगे। यदि मोहलत मिली तो अगले कुलगुरू पद पर काम करेंगे। अन्यथा व राजभवन को सोमवार की इस्तीफा भेज सकते हे। हालांकि कहा जा यह भी जा रहा है कि कुलगुरू यदि इस्तीफा नहीं देते है तो जेयू में धारा 52 के आदेश 2 दिन में जारी हो सकते है। इससे कुलगुरू के बर्खास्त होने के साथ ही ईसी भंग हो जायेगी।

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