चम्बल नदी में 32 घडि़याल छोड़े गये, इनमें 2 मेल और 30 फीमेल घडि़याल थे, एक मगरमच्छ को भी छोड़ा

मुरैना. वन विभाग ने रविवार को घडि़यालों व एक मगरमच्छ को चम्बल नदी में छोड़ दिया गया है। छोड़े जाने वाले घडि़यालों में 30 फीमेल घडि़याल है और 2 मेल घडि़यालों को छोड़ा गया है। इनको देवगढ़ इलाके चम्बल नदी के सरसैनी घाट पर रविवार की दोपहर छोड़ा गया है। छोड़े गये सभी घडि़याल वर्ष 2022 बैंच के है।
आपको बता दें कि तय कार्यक्रम के अनुसार मुरैना के देवरी स्थित घडि़याल केन्द्र में पल रहे 30 फीमेल घडि़यालों को तथा 2 मेल घडि़योलों को उनके लिये बनाये गयेे विशेष लकड़ी के बक्सों में बन्द किया गया था। उसके बाद उन्हें ट्रैक्टर ट्रॉली में लादकर चम्बल नदी के सरसैनी घाट पर ले जाया गया। जहां सभी बक्सों के मुंह चम्बल नदी की ओर किये गये।
इस बीच अधीक्षक देवरी श्याम सिंह चौहान, उपमंडल अधिकारी मुरैना सामान्य मधु सिंह, अधीक्षक भिंड भूरा गायकवाड़, गेम रेंज देवरी रिंकी आर्य एवं ज्योति प्रसाद दंडोतिया तथा समस्त स्टाफ मौजूद था।
एक मगरमच्छ को भी छोड़ा गया
घडि़यालों के साथ एक मगरमच्छ को भी चम्बल नदी में छोड़ा गया है। उसे 2 वर्ष पहले देवगढ़ गांव से पकड़ा गया था। चम्बल नदी में बाढ़ आने पर दयह मगर पानी के साथ में गांव में घुस आया था। जैसे ही गांव वालों को पता लगा था उन्होंने वन विभाग को खबर दी। वन विभाग के अधिकारियों ने मगर का रेस्क्यू किया और उसे लाकर देवरी स्थित घडि़याल केन्द्र में छोड़ दिया था। तब से वह वहीं पर था। आज उसे भी घडि़याल केन्द्र से निजात मिल गयी और वह अपने प्राकृतिक वातावरण में नदी में चला गया।
