सौरभ शर्मा की नियुक्ति को आरटीआई एक्टिविस्ट ने दी चुनौती, सौरभ की मां ने बड़े बेटे की सरकारी नौकरी छुपाई
ग्वालियर. परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा का नाम लगातार विवादों में घिरता जा रहा है। झूठे शपथ पत्र के जरिए अनुकंपा नियुक्ति पाने के आरोपों के बाद अब आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू ने उनके खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई है। इसके साथ ही शुक्रवार को ईडी ने उनके ग्वालियर स्थित आवास पर छापा मारकर कई दस्तावेज जब्त किए।
झूठे शपथ पत्र पर अनुकंपा नियुक्ति का आरोप
आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू ने शिकायत में दावा किया कि 2015 में सौरभ शर्मा के पिता राकेश कुमार शर्मा के आकस्मिक निधन के बाद उनकी मां उमा शर्मा ने बडे बेटे सचिन शर्मा की सरकारी नौकरी की जानकारी छुपाकर झूठा शपथ पत्र पेश किया जिसके आधार पर सौरभ को 2017 में परिवहन विभाग में तृतीय श्रेणी के पद पर नियुक्ति मिली। जबकि सचिन पहले से ही छत्तीसगढ सरकार की सेवा में कार्यरत थे। साहू ने इस नियुक्ति को पूरी तरह गैर कानूनी बताते हुए सौरभ और उनकी मां के खिलाफ मामला दर्ज कर विस्तृत जांच की मांग की है।
ईडी की छापेमारी और दस्तावेज जब्ती
शुक्रवार सुबह 5 बजे ईडी की टीम ने विनय नगर स्थित सौरभ शर्मा के घर पर छापा मारा। टीम ने दिनभर की कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए जिन्हें बैग में भरकर ले जाया गया। इन दस्तावेजों में क्या जानकारी छुपी है इसका खुलासा अब जांच के बाद ही होगा।
जमीन और संपत्तियों की जांच
ईडी को जानकारी मिली है कि सौरभ शर्मा की मां ने हाल ही में हाईवे पर करोड़ों की जमीन बेची है। टीम इस सौदे की सटीक राशि और लेन-देन की प्रक्रिया की जांच कर रही है। इसके अलावा, सिटी सेंटर में उमा शर्मा के नाम पर कई संपत्तियां हैं, जिनमें एक व्यवसायिक बिल्डिंग शामिल है, जहां थंब, टीबीआर और हैशटैग पब संचालित होते हैं।
शिकायतकर्ता संकेत साहू ने आरोपों की निष्पक्ष जांच और सौरभ शर्मा तथा उनकी मां के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, ईडी अब जब्त दस्तावेजों का गहराई से परीक्षण कर रही है। इस मामले में सौरभ शर्मा के खिलाफ आरटीआई एक्टिविस्ट और ईडी की कार्रवाई ने न सिर्फ सवाल खड़े किए हैं, बल्कि उनके अनुकंपा नियुक्ति और संपत्तियों को लेकर जांच का दायरा भी बढ़ा दिया है।
