उच्च न्यायालय ने ओहदपुर स्थित बेशकीमती जमीन को सरकारी माना

ग्वालियर – उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर ने ओहदपुर स्थित सर्वे क्र.-200 की लगभग 0.094 हैक्टेयर बेशकीमती जमीन को शासकीय माना है। उच्च न्यायालय द्वारा इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी किया गया है। इस जमीन का बाजार मूल्य लगभग 10 करोड़ रूपए अनुमानित किया गया है।
एसडीएम विनोद सिंह ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा विस्तृत आदेश पारित कर इस जमीन को सरकारी माना है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि संवत 1997 में प्रश्नाधीन भूमि की नोइयत सेडा रही है। कानून माल ग्वालियर संवत 1983 एवं जमीदारी समाप्ति अधिनियम 2008 के प्रावधानों एवं कतिपय न्याय दृष्टांतों के संदर्भ में सेडा भूमि को खुद कास्त दर्ज नहीं किया जा सकता।
एसडीएम ने बताया कि ओहदपुर स्थित इस सरकारी जमीन पर राजकुमार शर्मा निवासी करौली माता मंदिर महलगांव एवं राजकमल बिल्डर्स द्वारा पार्टनर कमल शर्मा निवासी केसरकुंज अपार्टमेंट रेसकोर्स रोड़ द्वारा इस जमीन पर अनाधिकृत कब्जा कर रखा है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा दिए गए आदेश के पालन में इस जमीन से कब्जा लेने की कार्रवाई की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *