गजराराजा मेडिकल कॉलेज में मध्यप्रदेश का पहला सीआरटी सेंटर शुरू

ग्वालियर – स्वास्थ्य के क्षेत्र में ग्वालियर में एक और बड़ा आयाम जुड़ा है। अत्यंत जरूरतमंद मरीज को पुनर्जीवन देने से संबंधित प्रशिक्षण के लिए ग्वालियर के गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय में बुधवार को सीआरटी सेंटर (कम्प्रेहेंसिव रिससिटेशन ट्रेनिंग सेंटर) शुरू हो गया है। यह मध्यप्रदेश का पहला प्रशिक्षण केन्द्र है। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.आर.के.एस.धाकड़ ने इस केन्द्र का शुभारंभ किया।
ग्वालियर में सीआरटी सेंटर शुरू हो जाने से अब महाविद्यालयीन चिकित्सा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को यह प्रशिक्षण पूरा करने के लिये देश के अन्य महानगरों में जाने की जरूरत नहीं रहेगी। ज्ञात हो एनएमसी (नेशनल मेडीकल कमीशन) ने स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिये बेसिक कार्डियो पल्मोनरी लाइफ सपोर्ट एवं एडवांस कार्डियो पल्मोनरी लाइफ सपोर्ट कोर्स को अनिवार्य किया है। सीआरटी सेंटर शुरू हो जाने से अब यहाँ के स्नातकोत्तर विद्यार्थी अब ग्वालियर में ही यह कोर्स कर सकेंगे।
इस प्रकार काम करता है सीआरटी सेंटर
सीआरटी सेंटर एक स्वतंत्र कार्यशील ईकाई है जो इंडियन रिससिटेशन काउंसिल फेडरेशन के नियमों एवं नीतियों के तहत कार्य करती है। केंद्र के प्रशासनिक प्रमुख के रुप में एक कोर्डिनेटर होता है जो इंडियन रिससिटेशन काउंसिल फेडरेशन के दिशा-निर्देशों का पालन करता है। सीआरटी केंद्र के अंतर्गत संचालित सभी गतिविधियों का एक प्रभारी होता है। ग्वालियर केंद्र के लिए कोर्डिनेटर की जिम्मेदारी निश्चेतना विभागाध्यक्ष, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक डॉ.नीलिमा टंडन को दी गई है।
शिक्षणार्थी को मिलता है महत्वपूर्ण प्रमाण-पत्र
सीआरटी सेंटर में चिकित्सकीय क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों को 2.5 दिन के कोर्स में बेसिक कार्डियो पल्मोनरी लाइफ सपोर्ट, एडवांस कार्डियो पल्मोनरी लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण दिया जायेगा तथा तत्पश्चात इसके लिए एक प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जावेगा। यह प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले चिकित्सक सीआरटी के अनुसार चिकित्सा करने के लिये विधिवत पात्र हो जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *