पहलवान विनेश और बजरंग पूनिया की कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी, कांग्रेस ने दिया चुनाव का ऑफर विनेश हरियाणा की 3 बजरंग 2 सीटों पर

रेवाड़ी. पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया के हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा के दौरान उन्होंने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की है। इससे दोनों के चुनाव लड़ने के संकेत मिल रहे हैं। राहुल से मिलने के बाद वह कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात की हे। उनकी लगभग 20 मिनट तक मुलाकात हुई है। विनेश के ताऊ महावीर फोगाट ने कहा है कि विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया कांग्रेस ज्वॉइन करने के लिये दिल्ली पहुंचे हैं दोनों कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
कांग्रेस के अनुसार पार्टी विनेश को 3 और बजरंग को 2 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऑफर दे चुकी है। विनेश फोगाट अपने ससुराल जींद के जुलाना या दादरी और बजरंग पूनिया झज्जर के बादली से चुनाव लड़ सकते है। हालांकि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने मंगलवार को कहा था कि चुनाव लड़ने का फैसला विनेश फोगाट का होगा। इसे लेकर बुधवार को स्थिति स्पष्ट हो जायेगी।
कांग्रेस की कोशिश है कि दोनों को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाकर पहलवान आन्दोलन को भाजपा के खिलाफ भुनाया जा सके। बजरंग पूनिया के चुनाव लड़ने को लेकर कांग्रेस को पॉजिटिव संकेत मिले है। लेकिन बात विनेश फोगाट पर टिकी हुई है।
विनेश को इन 3 सीटों का ऑफर
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक विनेश फोगाट को जिन 3 सीटों का ऑफर दिया गया है, उनमें पहली 2 सीटें चरखी दादरी की दादरी और बाढड़ा हैं। वे इसी जिले के बलाली गांव की रहने वाली हैं। विनेश अगर दादरी से हामी भरेंगी तो उनका मुकाबला चचेरी बहन दंगल गर्ल बबीता फोगाट से हो सकता है। बबीता यहां से 2019 में BJP के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं, लेकिन हार गईं। इस बार भी वे टिकट की दावेदार हैं। विनेश को तीसरा ऑप्शन जींद की जुलाना सीट का दिया गया है।
बजरंग को इन 2 सीटों का ऑफर
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक बजरंग पूनिया को भी दो सीटों का ऑफर दिया गया है। बजरंग सोनीपत से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, लेकिन यहां से कांग्रेस मौजूदा विधायक सुरेंद्र पंवार को ही टिकट देना चाहती है। पंवार अभी ED केस में जेल में बंद हैं। वे चुनाव न लड़े तो उनके बेटे या बहू को टिकट मिल सकता है। कांग्रेस उनका टिकट काटकर यह संकेत नहीं देना चाहती कि मुसीबत के वक्त नेता का साथ छोड़ दिया। बजरंग ने झज्जर की बादली सीट में भी दिलचस्पी दिखाई है, लेकिन यहां से कांग्रेस को मौजूदा विधायक कुलदीप वत्स का टिकट काटना पड़ेगा। वत्स बड़ा ब्राह्मण चेहरा हैं, इसलिए कांग्रेस अगर उनका टिकट काटती है तो ब्राह्मण वोट बैंक नाराज हो सकता है। बजरंग को कांग्रेस की तरफ से बहादुरगढ़ और भिवानी का ऑप्शन दिया गया है। ये दोनों जाट बाहुल्य सीट हैं।
