TI सहित 3 पुलिसकर्मी निलंबित, पुलिस हिरासत में आत्महत्या, जीजा की हत्या में किया था गिरफ्तार, भाई बोला-पुलिस ने मांग 5 लाख रूपये

मुरैना. सिविल लाईन थाने में रविवार की सुबह हत्या के आरोपी ने आत्महत्या कर ली थी। उसने पुलिस हिरासत में अपने गमछे का फंदा बनाया और खिड़की की ग्रिल में फंसाकर फांसी लगा ली। खबर मिलते ही एसपी समीर सौरभ ने इस मामले में टीआई, हेड कांस्टेबल और एक आरक्षक को निलंबित किया है। शनिवार की रात लगभग 10 बजे बालकृष्ण जाटव 31, सनी पुत्र कांशीराम जाटव को हत्या के आरोप में ग्वालियर से गिरफ्तार किया था। दिसम्बर 2023 में अशोक जाटव नाम के युवक की हत्या हुई थी। इस संबंध में बालकृष्ण आरोपी था। अशोक रिश्ते में बालकृष्ण का जीजा लगता था।
जीतू पटवारी ने की एसपी को बर्खास्त करने की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा- क्या मप्र में दलित होना अपराध है? कटनी के बाद मुरैना में अनुसूचित जाति के लोग पुलिस के निशाने पर हैं। पुलिस थानों में ही दलितों की हत्या क्यों कर रही है। अंबेडकर की विचारधारा के लोगों से BJP सरकार को इतनी नफरत क्यों है।
पटवारी ने मुरैना एसपी को बर्खास्त कर आरोपी पुलिसवालों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है। पटवारी ने फोन पर मृतक बालकृष्ण के बड़े भाई कल्लू से बात भी की
आपको बता दें कि मृतक के बड़े भाई कल्लू ने पुलिस पर 5 लाख रूपये मांगने का अरोप लगाया था। जिसमें एक लाख 10 हजार रूपये 31 अगस्त को ही दिये थे। वहीं, बालकृष्ण के आत्महत्या के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कल्लू से वीडियो कॉल कर बात की थी। पटवारी ने एसपी को हटाने और पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है।
बालकृष्ण पर 4-5 प्रकरण दर्ज हैं
घटनास्थल पर तहसीलदार और एसडीएम के अलावा फोरेंसिंक की टीम भी पहुंच गयी। मुरैना एएसपी अरविंद ठाकुर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति का था। उसके खिलाफ 4-5 प्रकरण अलग-अलग थानों में दर्ज थे। श्ंाुरूआती जांच में गमछे से फांसी लगाया जाना पाया गया है।
ग्वालियर से पकड़कर ले गयी थी पुलिस
सनी लक्ष्मणपुरा के जलालपुर वार्ड नम्बर 63 ग्वालियर का निवासी है। यहां मुरैना में अपनी मामी के यहां अम्बेडकर नगर जौरा रोड पर निवास करता था। यहां मजदूरी करता था। उसके परिजनों का आरोप है कि उसे पुलिस 4 दिन पूर्व लेकर आयी थी। उसकी मौत कैसे हो गयी इसका पुलिस ने सही-सही खुलासा नहीं किया है।
परिजनों का आरोप पुलिस 5 लाख रूपये मांग रही थी
मृतक बालकृष्ण के भाई कल्लू ने पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। उसका कहना है कि पुलिस ने उसे छोड़ने के लिए 5 लाख रुपए मांगे थे। इसमें 1 लाख 10 हजार रुपए शनिवार को सिविल लाइन थाने के हेड कॉन्स्टेबल पवन त्रिवेदी को दिए थे।
