लोकसभा चुनाव के बीच जनसंख्या असंतुलन पर मचा कोहराम
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की ये रिपोर्ट 167 देशों में आबादी का अध्ययन करके तैयार हुई है, जो कहती है कि आबादी में अब विविधता बढ़ी है. और इस बढ़ती विविधता को रिपोर्ट में सकारात्मक रूप से भी लिया गया है, लेकिन भारत में हिंदू आबादी का हिस्सा कुल आबादी में घटने और मुस्लिम आबादी का अनुपात बढ़ने पर बीजेपी, कांग्रेस को तुष्टिकरण के कठघरे में खड़ा करती है.
बीजेपी ने साधा कांग्रेस पर निशाना
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने लिखा कि कांग्रेस के दशकों के शासन ने हमारे साथ यही किया है. कांग्रेस के भरोसे छोड़ दिया जाए तो हिंदुओं के लिए कोई देश ही नहीं बचेगा. बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने आबादी की रिपोर्ट के आधार पर कहा कि कांग्रेस तो भारत को इस्लामिक स्टेट बना देना चाहती है. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा कहते हैं कि देश में मुस्लिम आबादी से कई जगहों की बसावट तक बदल रही है.
नई दिल्ली. देश के 15 राज्यों में लोकसभा चुनाव पूरा हो चुका है और चार चरण की 260 सीटों पर मतदान होना शेष है। इस दौरान अचानक धर्म के आधार पर आबादी के असंतुलन पर वोट का संतुलन अपने हिसाब से तलाशने की राजनीति तेज हो गयी है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि भारत के पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद की एक रिपोर्ट आई है। शेयर ऑफ रिलिजियस मनोरियोटीज नाम से तैयार हुई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 1950 से 2015 के बीच बहुसंख्यक हिन्दुओं की हिस्सेदारी 7.82 प्रतिशत कम हुई है। जबकि मुसलमान नागरिकों की हिस्सेदारी इन्हीं 65 वर्षो में 73.15 बढ़ी है। वहीं, ईसाई नागरिक 5.38 प्रतिशत बढ़े है।
आप कोई भी फैसला ये आंकड़ा देखते ही करें, उससे पहले हर बात को गहनता से समझें. रिपोर्ट को देखा जाए तो 1950 में अगर भारत की आबादी 100 थी, तो उसमें हिंदू 84.68 थे. मुस्लिम 9.48. लेकिन 2015 में भारत की आबादी अगर 100 है, तो इसमें हिंदू 78.06 हैं, जबकि मुस्लिम 14.09 हो गए. इसी आधार पर कहा गया कि भारत की आबादी में हिंदू नागरिकों का अनुपात घटा है और मुस्लिम नागरिकों का बढ़ा है, जैसे ही रिपोर्ट में हिंदू नागरिकों का हिस्सा आबादी में घटने और मुस्लिमों का बढ़ने की बात रिपोर्ट में आई, वैसे ही धर्म के आधार पर घटती आबादी पर चिंता जताते हुए वोट बढ़ाने की रणनीति पर बयान तेज हो गए.
