SDOP, तहसीलदार, TI सहित दर्जनभर अधिकारियों की हुई शिकायत

नई दिल्ली. विधानसभा चुनाव की तिथि नजदीक आते ही अधिकारी-कर्मचारी दलों के रडार पर आ गए हैं। प्रत्याशियों को किसी अधिकारी-कर्मचारी के संबंध में यदि सूचना मिली कि वह दूसरे दल के प्रत्याशी के समर्थन में है तो उसके विरुद्ध निर्वाचन आयोग में शिकायत कर दी जाती है। कुछ इसी तरह का मामला जिले के चुरहट विधानसभा क्षेत्र का सामने आया है।
इनकी शिकायत
कांग्रेस प्रत्याशी के अभिकर्ता की ओर से जिन एक दर्जन अधिकारियों के विरुद्ध शिकायत की गई है, उसमें सुधांशु तिवारी निरीक्षक थाना रामपुर नैकिन, अनिल कुमार साकेत शासकीय महाविद्यालय रामपुर नैकिन, हिमांशु तिवारी कार्यपालन यंत्री आरईएस, सुनील तिवारी एएसआई चौकी प्रभारी नेशनल हाईवे सुरक्षा चौकी मोहनिया, आनंद मिश्रा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पंचायत चुरहट, राजीव तिवारी सीईओ जनपद पंचायत रामपुर नैकिन, आशुतोष मिश्रा एसडीओपी चुरहट, लालजी तिवारी सीएमओ रामपुर नैकिन, विनोद त्रिपाठी पटवारी चुरहट, राकेश शुक्ला तहसीलदार चुरहट, अशोक कुमार शुक्ला सहायक लेखाधिकारी जिला पंचायत सीधी एवं वेद प्रकाश अग्निहोत्री रोजगार सहायक प्रभारी ग्राम पंचायत भितरी शामिल हैं।
मांगा गया जवाब
संबंधित शिकायत के संबंध में अपर कलक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है। जारी नोटिस में उल्लेखित किया गया है कि यदि निर्धारित समयावधि में कथन नहीं दिया गया तो एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। चुरहट में कांग्रेस प्रत्याशी अजय सिंह के अभिकर्ता गुलाब सिंह ने एक दर्जन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शिकायत निर्वाचन आयोग से की है। अभिकर्ता गुलाब सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी सीधी को सौंपे गए शिकायती पत्र में यह आरोप लगाया है कि जिले के विभिन्न विभागों में पदस्थ शासकीय सेवक एक दल भारतीय जनता पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। इनकी पदस्थापना यहां बने रहने से निर्वाचन की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। शिकायत पर अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने तहसीलदार, कार्यपालन यंत्री आरईएस, थाना प्रभारी सहित एक दर्जन अधिकारियों-कर्मचारियों की शिकायत पर संज्ञान लेते नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। शिकायत पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई करने का आदेश हुआ था, लेकिन समयावधि बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि बार-बार निर्वाचन आयोग एवं निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर रहे हैं।

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