महिलाओं की सहाभागिता से पुलिस संवेदनशील बनी- डीजीपी सक्सेना
भोपाल, पुलिस विभाग में महिलाओं की सहभागित से पुलिस की संवेदनशीलता बढ़ी है जिससे पुलिस समाज को ज्यादा बेहतर सेवाएं दे पा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में महिलाएं पुरूषों से कंधे से कंधा मिलाकर हर प्रकार की जिम्मेदारी संभाल रही है। यह बात पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सैना ने पीटीएस पचमढ़ी में आयोजित पुलिस में सेवारत् महिलाओं के तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन फुलवारी के समापन अवसर पर ऑनलाईन संबोधित करते हुए कही।
पुलिस प्रशिक्षण शाला पचमढ़ी में 10 मार्च से 3 दिवसीय महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का वार्षिक फुलवारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में आरक्षक से लेकर डीजी रैंक तक की महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया। तीन दिन तक चले इस सम्मेलन में महिलाओं से जुड़ें विभिन्न मुद्दों स्वास्थ, वित्तीय प्रबंधन, व्यावसायिक दक्षता, स्ट्रैस मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा की गई। फुलवारी सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए विशेष पुलिस महानिदेशक श्रीमती सुषमा सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग में महिला अधिकारियों और कर्मचारियों की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग में महिलाओं के लिए कार्य करने हेतु अच्छा वातावरण निर्मित हुआ है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण श्रीमती अनुराधा शंकर ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्रों में महिलाएं जितना आगे आएंगी उतना ही हमारा समाज बेहतर बनेगा। उन्होंने इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पुलिस में कार्यरत कर्मचारियों/अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को उच्च स्तर तक पहुंचाने का यह एक सराहनीय प्रयास है।
तीन दिन तक चले इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की विशिष्ट निजी समस्याओं पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों से खुली चर्चा के साथ-साथ वित्तीय प्रबंधन के गुर व व्यावसायिक दक्षता की बढ़ोत्तरी के लिए शंका/समाधान आदि भी था। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक होशंगाबाद श्रीमती दीपिका सूरी द्वारा व्यावसायिक विषयों पर सवाल-जवाब के साथ ग्रुप एक्ससाइज एवं चुनौतियों से निपटने के सुझाव दिए गए। पुलिस अधीक्षक श्रीमती निमिषा पांडे ने कहा कि इस सम्मेलन में देशभर से विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया जिन्होंने वित्तीय मैनेजमेंट, स्वास्थ्य एवं पोषण, वर्क-लाइफ बेलैंस, स्ट्रैस रिलीफ आदि विषयों पर अपने व्याख्यान प्रतिभागियों को दिए। तीन दिन चले इस सम्मेलन में पुलिस विभाग में महिलाओं संबंधी समस्याओं पर अलग-अलग ग्रुप बनाकर चर्चा की गई। चर्चा में आए सुझावों की एक रिपोर्ट तैयार कर क्रियान्वयन के लिए विभाग को सौंपी जाएगी।
