अवैध कॉलोनाइजरों पर पुलिस ने कसा शिकंजा, 100 से अधिक लोगों को बेचे प्लॉट

बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनी के मामले में जांच।

ग्वालियर. बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित कर प्लॉट बेचने के मामले में प्रशासन-पुलिस ने कार्यवाही की है। धनेली और करगवां गांव में अवैध प्लॉटिंग के मामले में बिजौली थाना पलिस ने 4 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है। इनमें बड़ागांव निवासी प्रदीप यादव, सिकंदरा इन्फाटेक के पार्टनर सुरेन्द्र प्रजापति और रोशनलाल शिवहरे, प्रमोद शर्मा, प्रफुल्ल शर्मा, अमोलसिंह यादव के नाम शामिल है। आरोप है कि इन कॉलोनाइजरों ने जरूरी अनुमति और एनओसी के बिना प्लॉट काटकर लोगों को बेचे। कार्यवाही कलेक्टर न्यायालय के आदेश के बाद राजस्व विभाग की शिकायत पर की गयी है।
बिना रजिस्ट्रेशन के काटी कॉलोनी
बिजौली थाना टीआई सौरभ श्रीवास्तव के अनुसार, धनेली गांव में प्रदीप यादव अलग-अलग सर्वे नम्बरों की जमीन पर बिना अनुमति के कॉलोनी काट रहा था। जांच में सामने आया है कि न तो कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन कराया गया था। और नही नगर व ग्राम निवेश विभाग (टीएंडसीपी) से लेआउट स्वीकृत करया गया था। धनेली में ही सिकंदरा इन्फ्राटेक के पार्टनर सुरेन्द्र प्रजापति और रोशनलाल शिवहरे पर भी बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किये और अनुमति लिये प्लॉट काटकर बेचने का आरोप है कि उन्होंने लोगों को सभी अनुमतियां होने की बात कहकर कॉलोनी में प्लॉट दिये, जबकिउनके पास एक भी एनओसी नहीं थी।
करगवां में भी बिना अनुमति विकसित की कॉलोनी
करगवां गांव में अमोल सिंह यादव पर सर्वे नंबर 353/2/1, 353/1/2 और 353/2/2 की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने का आरोप है। प्रशासन की जांच में अनियमितताएं सही पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई।
करगवां में ही सर्वे नंबर 216, 197/4, 201/2, 217 और 218/2 में बिना एनओसी और अनुमति के कॉलोनी काटे जाने की शिकायत की गई थी। पटवारी वीरेंद्र सिंह कुशवाह ने कृष्णपुरी मुरार निवासी कॉलोनाइजर प्रमोद शर्मा और प्रफुल्ल शर्मा के खिलाफ शिकायत की थी। पुलिस ने जांच के बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।  चारों मामलों में कलेक्टर न्यायालय ने 24 सितंबर 2026 को कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बाद एसडीएम (राजस्व एवं दंडाधिकारी), मुरार ने 14 अक्टूबर को बिजौली थाना प्रभारी को आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश जारी किए। पटवारी वीरेंद्र सिंह कुशवाह की लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 61(घ) के तहत मामले दर्ज किए हैं।
एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया, “अवैध कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्रशासन के निर्देश पर केस दर्ज कर लिया गया है। नामजद आरोपी कॉलोनाइजरों की तलाश जारी है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

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