डेढ़ महिने की बच्ची का अपहरण, 7 घंटे बाद अस्पताल के पार्क में मिली
ग्वालियर. रेलवे स्टेशन के नजदीक बने बस स्टैंड से रविवार की रात डेढ माह की बच्ची का अपहरण हो गया। खबर मिलते ही पुलिस ने शहर में हाईअलर्ट जारी कर नाकाबंदी-तलाशी अभियान व्यापक स्तर पर चलाया गया। लगभग 7 घंटे के बाद आरोपी बच्ची को कमलाराजा अस्पताल के पार्क के पास छोछ़कर भाग गया। बच्ची फिलहाल अस्पताल में है।
परिवार टीकमगढ़ से 3 दिन पूर्व ही ग्वालियर आया और काम तलाश रहा था। रविवार की रात बच्ची की मां अपनी दोनों बेटियों को सुलाकर सहेली के साथ कुछ देर के लिये गयी थी। लगीाग 1 घंअे के बाद लौटी तो 45 दिन की छोटी बेटी पूजा गायब थी। घटना की खतर बमलते ही पुलिस ने पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी। हर आने-जाने वाले की तलाश शुरू कर हुई तो आरोपी सोमवार की तड़केे सुबह लगभग 4 बजे च्ची कमलाराज चिकित्सालय परिसर के पार्क के पास बच्ची को छोड़कर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में एक संदेही युवक बच्ची को गोद में लेकर जाता दिखाई दिया है। उसकी पहचान पन्ना निवासी विजयकुमार के रूप में हुई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। बच्ची मिलने के बाद उसके माता‘-पिता भी मौके पर नहीं मिले। पुलिस उनकी भी तलाश में जुटी है।
मजदूरी की तलाश में आई थी मां
मूल रूप से टीकमगढ़ निवासी राधा अहिरवार पति हरीशचंद्र और दो छोटी बेटियों के साथ तीन दिन पहले ही मजदूरी की तलाश में ग्वालियर आई थी। रहने का ठिकाना नहीं होने के कारण परिवार बस स्टैंड पर ही रात गुजार रहा था।
रविवार को पति मजदूरी करने गया था, लेकिन शाम को शराब पीकर खाली हाथ लौट आया। बच्चियों को दूध पिलाने के लिए पैसे नहीं होने पर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। इसके बाद पति सिरदर्द का बहाना बनाकर बस स्टैंड पर ही सो गया। राधा ने भीख मांगकर पैसों का इंतजाम किया और दोनों बच्चियों को दूध पिलाकर सुलाया। रात करीब 9 बजे वह अपनी सहेली के साथ पास में किसी काम से गई थी। करीब एक घंटे बाद लौटी तो बड़ी बेटी सो रही थी, लेकिन छोटी बेटी पूजा गायब थी।
