ग्वालियर के गिरवाई आतिशबाजी बाजार में प्रशासन की रेड, न फायर ब्रिगेड मिली न पानी का टैंक
ग्वालियर. गिरवाई स्थित थोक आतिशबाजी कारोबार को अस्थाई मोहलत देकर शुरू तो करवा दिया लेकिनप यहां हालात ऐसे हैं कि कभी भी हादसा हो सकता है। यहां न आग बुझाने के लिए फायर बिग्रेड मिली न सुरक्षा के लिए गार्ड। यहां तककि एक टैंक या टैंकर तक नहीं था कि अचानक आग लग जाए तो पानी डाल दिया जाए इसके अलावा मुख्य गेट के अंदर से चार पहिया वाहन व दो पहिया वाहन अंदर तक आतिशबाजी दुकानों के आगे खडे मिले क्योंकि कारोबारियों की ओर से कोई पार्किंग व्यवस्था नहीं है। एसडीएम लश्कर के निर्देश पर तहसीलदार गिरवाई दिनेश चौरसिया व उनकी टीम ने निरीक्षण किया। जिसमें यह सभी खामियां सामने आई, खुद अधिकारी भी इन बिंदुओं को देखकर हैरत में पड गए जिसके बाद पूरा पंचनामा बनाया गया और उसमें दर्ज किया गया कि सुरक्षा को लेकर क्या मानका मिले व नहीं मिले। बअ यह रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी।
गिरवाई स्थित थोक आतिशबाजी कारोबार को बिना नवीनीकरण फिर खोल दिया गया है। थोक कारोबारियों ने अपनी दुकानें खोल कारोबार शुरू कर दिया है जबकि नवीनीकरण इस साल भी नहीं हो सका। हर बार की तरह दीपावली का त्योहार पास आते ही अस्थाई मोहलत का तरीका निकला और पुलिस अधीक्षक के अभिमत के आधार पर प्रशासन के अधिकारियों ने 18 नवंबर तक अस्थाई मोहलत पर प्रशासन ने मुहर लगा दी। वहीं जिन खामियों के कारण थोक कारोबार को सील किया गया था। वह पालन किया जा रहा है या नहीं इसको लेकर मैदानी जांच नहीं की गई है। प्रशासन के निरीक्षण में सुरक्षा मानकों की पोल खुल गई। इससे यह साफ हो गया कि कारोबार के चक्कर में कारोबारियों ने इंतजाम तक नहीं किए है।
