कोरोना वायरस की जंग में डॉ रामकृष्ण धमानिया ने निभाया राष्ट्रधर्म
मधु सोलापुरकर
ग्वालियर कोरोना महामारी के इस वैश्विक संकट की घड़ी में चिकित्सक महा योद्धा के रूप में अपना राष्ट्र धर्म निभा रहे हैं। इसी क्रम में ग्वालियर से लगभग 15 किमी दूर साडा क्षेत्र में रामकृष्ण हॉस्पिटल को क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया गया है । इस क्वॉरेंटाइन सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ रामकृष्ण धमानिया कोरोना के वायरस से संक्रमित होने की संभावना वाले मरीजों के लिए महायोद्धा बनकर डटे हुए हैं । जो भी लोग संक्रमण के लक्षण वाले पाए जाते हैं, उन्हें इसी सेंटर पर क्वॉरेंटाइन किया जाता है तथा उनकी देखभाल डॉण् रामकृष्ण पूरी शिद्दत के साथ करते हैं।
डॉण् रामकृष्ण धमानिया ने बताया कि दूरदराज से पैदल चल कर आ रहे लगभग 50 मजदूरों को किया गया यहाँ क्वारंटाइन । डॉक्टर धमानिया सुबह 9 बजे से रात 8बजे तक दे रहे हैं सेवा भाव से अपनी सेवा। ग्रामीणों के लिए रामकृष्ण हॉस्पिटल बना सहारा । यहाँ सब मजदूर दूर.दराज के क्षेत्रों से पैदल चलते हुए अपने अपने घरों की ओर पलायन कर रहे थे । डॉ रामकृष्ण धमानिया के प्रयास से प्रशासन द्वारा उनको रामकृष्ण हॉस्पिटल में 14 दिन के लिए कोरोनटाइन किया गया था । अभी हाल ही में नोडल अधिकारी डॉ रामकृष्ण धमानिया द्वारा बताया गया कि 29 अप्रैल 2020 को करीब 19 मजदूर सेंटर से स्वस्थ होकर अपने अपने घर की ओर शासन द्वारा भेज दिये गये हैं।
