सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया जून के शुरूआती सप्ताह से कोरोना को लेकर दवाई का निर्माण शुरू कर सकती है
नई दिल्ली. कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को परेशान कर रखा है लगातार रिसर्च किया जा रहा है कि किसी तरह इस बीमारी का इलाज खोजा जा सके इस बारे में अब एक अच्छी खबर आ रही है। ऐसा बताया जा रहा है कि वैक्सीन बनाने के लिए मशहूर कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पूणे की ओर से जून के शुरूआती सप्ताह से कोरोना को लेकर एक दवाई का निर्माण पुणे स्थित प्लांट से शुरू कर सकती है। इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर बनाया जाएगा और अच्छी बात यह है कि 23 अप्रैल से इंसानों पर इसका ट्रायल भी शुरू हो चुका है। सीरम इंस्टीटयूट इससे पहले डेंगू और निमोनिया के लिए सस्ती और अच्छी वैक्सीन बना चुकी है।
कितना होगा उत्पादन
क्लीनिकल ट्रायल सफल होने के बाद कंपनी ने पहले 6 महीनों तक 40 से 50 लाख डोज हर महीने तैयार करने का लक्ष्य रखा है उसके बाद ये उत्पादन एक करोड़ कर दिया जाएगा।
कीमत और उत्पादन
ऐसा बताया जा रहा है कि इस वैक्सीन की कीमत भारत में लगभग 1000 रुपये प्रति डोज तक हो सकती है। इस कंपनी के सीईओ आदर पूनावाला का कहना है कि भारत में इसकी कीमत बाकी देशों से 10 गुना कम होगी।
चूंकि नया प्लांट तैयार करने में 3 हजार करोड़ और 2 साल का समय लगेगा और इसीलिए हमने बाकी वैक्सीन का उत्पादन फिलहाल बंद करके यह वैक्सीन पूणे स्थित सीरम कंपनी में तैयार करने की योजना बनाई है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर इस प्रोजेक्टर में 15 करोड़ डॉलर का खर्च आएगा। हमें उम्मीद है कि सरकार भी पार्टनर बनेगी जिससे कि हम खर्चें की भरपाई कर सकेंगे। वहीं बाकी वैक्सीन का उत्पादन रोकने की वजह से कंपनी को 6 करोड़ का नुकसान होगा इसीलिए कंपनी ने सरकार से सहयोग की गुहार लगाई है।
