बड़े भाई की गोली से घायल छोटा भाई जिन्दगी हारा, 18 घंटे के संघर्ष के बाद हुई मौत, बहन भी नाजुक हालत

ग्वालियर. अंत्तः बड़े भाई की गोली से घायल हुए छोटे भाई ने JAH  में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वह जीना चाहता था कई बार बोलो मुझे बचा लो, लेकिन जिन्दगी पर सकी मौत भारी पड़ गयी। बहन की भी हालत नाजुक बनी हुई है। उसे भी 3 गोलियां लगी है। मकान में 2 rooms के लिये सगे बड़े भाई ने ताबड़तोड़ गोलियां मारी थी। घटना गुरूवार की शाम नदीपार टाल स्थित तृप्तिनगर की है। पुलिस ने हत्या के प्रयास को हत्या में बदल दिया है। गोलियां चलाकर घायल करने वाला छोटे भाई की हत्या करने वाला बड़ा सोनू शर्मा अभी फरार है। पुलिस को उसकी कुछ लोकेशन मिली है, लेकिन वह रात तक की हैं। उसके बाद से उसका मोबाइल भी बन्द है।


यह था पूरा मामला
थाटीपुर के नदीपार टाल तृप्तीनगर निवासी ऊषा पत्नी स्व. राजकुमार शर्मा के 3 मंजिला मकान में हिस्सों को लेकर खूनखराब हुआ था। मकान में ऊषा के साथ उसकी बेटी पूनम ;23द्धए बेटा रवि ;21द्ध व सास रहती थेए जबकि बड़ा बेटा सोनू शर्मा कुछ दिन पहले तक घर में ही रहता था। घर में उसे एक कमरा दिया था। सभी के पास एक.एक कमरा था। अन्य कमरे किराए पर चलाए थे जिससे घर का खर्च चल सके। बड़ा बेटा सोनू घर में 2 कमरे चाहता था। सोनू अपराधिक छवि का है। वह हत्या के मामले में 4 साल से जेल में था। यहां उसकी पत्नी रहती थी। अभी 15 दिन पहले ही वह जमानत पर छूटकर आया है। उसने घर में हिस्सा मांगाए लेकिन मां ने मना कर दिया। इस पर सोनू ने पत्नी को दिल्ली उसके मायके छोड़ दिया। गुरुवार को वह अपने साले के साथ अपने नदीपार टाल घर पहुंचा। यहां मकान में हिस्से को लेकर पंचायत जोड़ दी। बड़े बुजुर्गो को बुलाकर बातचीत चल रही थी। तभी बड़े भाई सोनू ने कहा कि उसे मकान में 2 कमरे चाहिए। वह अपना हिस्सा बेचना चाहता है। इस पर छोटे भाई ने विरोध किया। बाहर गया और पिस्टल लोड कर लाया। इसके बाद उसने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। सबसे पहले वह बहन के पास गया और उस पर एक के बाद एक 3 गोलियां चला दीं। बहन बाहर की तरफ भागी तो पीठ में उसे गोलियां लगी हैंए बहन को बचाने आए छोटे भाई रवि शर्मा को भी सोनू ने नहीं छोड़ा उसे भी गोली मार दी। ताबड़तोड़ गोलियां चलाने के बाद सोनू शर्मा और उसका साला वहां से फरार हो गया। घायल पूनम और रवि को परिजन पहले मुरार के एक निजी अस्पताल पहुंचे और उसके बाद जेएएच के ट्रॉमा सेंटर लेकर गए थे। जहां उनकी हालत गंभीर बताई गई है।
18 घंटे तक संघर्ष किया जीने के लिये फिर भी हारा
फायरिंग में घायल पूनम और रवि का उपचार जयारोग्य चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा था। यहां लगभग 18 घंटे के उपचार के बाद मौत से संघर्ष करने वाला रवि शर्मा आखिरकार जिन्दगी की जंग हार गया। दोपहर 12 बजे उसने दम तोड़ दिया है। गोली उसके पेट में लगी थी। खून अधिक बहने से उसकी मौत हो गयी जिससे माहौल गमगीन हो गया है। बहन पूनम को भी 3 गोलियां लगी है। उसकी भी हालत नाजुक नहीं है।
एक घर ने उजाड़ दिया पूरा परिवार
तीन मंजिला मकान और उसमें 2 कमरों के विवाद ने पूरा शर्मा रविवार परिवार उजाड़ दिया। ऊषा शर्मा के 3 बच्चे थे एक सोनू शर्मा, रवि शर्मा व बेटी पूनम शर्मा। मकान में 2 कमरे की मांग पर सोनू ने अपने ही छोटे भाई बहन पर गोलियां बरसा दीं। जिसमें रवि की मौत हो गयी है। बहन पूनम की हालत नाजुक है। हमलावर भाई पर हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। वह भागा-भागा घूम रहा है। मां और दादी का भी पता नहीं है। ऐसे में पूरा परिवार ही उजड़ गया है।

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