मंत्रियों को 2 बड़ी नसीहतें, संगठन से बड़ा कोई भी नेता नहीं, कार्यकर्त्ताओं से दूरी ठीक नहीं-बीएल संतोष, राष्ट्रीय संगठन मंत्री
मंत्री सोशल मीडिया अपनी नहीं बल्कि दूसरे मंत्री के कामों की तारीफ करें, कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो संगठन के लिये एक आम कार्यकर्त्ता-बीएल संतोष राष्ट्रीय संगठन मंत्री
भोपाल. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने जमीनी स्तर से मिले फीडबैक के बाद मप्र सरकार के मंत्रियों को कार्यकर्त्ताओं से दूरी न रखने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि सरकार और संगठन के तालमेल से ही सत्ता मिली है। यह मंत्रियों को ध्यान रखना चाहिये। अगर किसी भी जिले में प्रवास पर जाये तो यह ध्यान रखे कि जिलाध्यक्ष और कार्यकर्त्ताओं से जरूर मिलें। यह कहा कि मंत्री केवल अपने काम की तारीफ सोशल मीडिया पर नहीं करें, बल्कि दूसरे मंत्री के अच्छे कामों की भी तारीफ करें।
बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों से सवा घंटे तक बात की।बैठक में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान प्रदेश प्रभारी मुरलीधरराव और प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा भी उपस्थित रहें। बन्द कमरे की बैठक में सुबह 10.30 के बाद देरी से आने वाले मंत्रियों के लिये रजिस्टर में समय दर्ज करवाया। एक-एक मंत्री के आने का समय देखा गया।
बैठक में राज्यवर्धन सिंह, गोविंदसिंह राजपूत, गोपाल भार्गव, उषा ठाकुर कुछ देरी से पहुंचे थे। उन्होंने मंत्रियों को कामकाज को लेकर सीख दी है कि जीवन में समय का पाबंद होना बेहद आवश्यक है। मंत्रियों को जनता के बीच अच्छी छवि बनाने का के लिये नित नये नवाचार करने और अच्छे कामों पर सोशल मीडिया का उपयोग करने के लिये कहा। उन्होंने कहा है कि कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो संगठन के लिये एक आम कार्यकर्त्ता ही है।
सिंधिया गुट के मंत्रियों से भी चर्चा
बीएल संतोष ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़े मंत्रियों से पूछा कि आप लोगों को भाजपा संगठन से जुड़ने के बाद किस तरह के अनुभव मिले है। आपको कांग्रेस और भाजपा की कार्यशैली में क्या अलग नजर आया। इस पर मंत्रियों ने कहा कि भाजपा में इंटरनल डेमोक्रेसी है। कांग्रेस में अपनी बात खुलकर कहने का मौका नहीं मिलता था।
